सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

सुल्तानपुर :चोरी का विरोध करने पर दम्पति शिक्षक को फावड़े से काटकर उतार था मौत के घटा,हुआ गिरफ्तार।||Sultanpur:A couple was arrested for hacking a teacher to death with a shovel after he resisted theft.||

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सुल्तानपुर :
चोरी का विरोध करने पर दम्पति शिक्षक को फावड़े से काटकर उतार था मौत के घटा,हुआ गिरफ्तार।
●पहले कंप्यूटर सीखा,फिर घर का जाना राज,फिर घटना को दिया अंजाम।
दो टूक : सुलतानपुर के कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के कुंभी डुड़िया स्थित मनराजी शिक्षण संस्थान में हुए सनसनीखेज शिक्षक दंपती के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने सोमवार को दो गिरफ्तार कर सनसनीखेज खुलासा किया। चोरी के इरादे से संस्थान में घुसे दो आरोपितों ने विरोध करने पर शिक्षक मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता सिंह की फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 34,960 रुपये समेत वारदात में प्रयुक्त फावड़ा बरामद किया है।
विस्तार : 
सुल्तानपुर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के मुताबिक, 28 सितंबर की रात मनराजी शिक्षण संस्थान में शिक्षक दंपती की धारदार हथियार से हत्या की सूचना मिली थी। दोहरे हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए एसओजी, सर्विलांस समेत कई पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया।।
जांच के दौरान पुलिस ने कुंभी डुड़िया निवासी राकेश कुमार यादव (36) और आशीष यादव उर्फ डब्बू यादव (36) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि राकेश संस्थान में कंप्यूटर सीखने आता-जाता था। इसी दौरान उसने कार्यालय, चाबी, अलमारी और वहां रखी नकदी की जानकारी जुटा ली थी।
पुलिस के अनुसार, इसी जानकारी के आधार पर दोनों ने संस्थान में चोरी की योजना बनाई। रात में चोरी करने पहुंचे दोनों आरोपितों को शिक्षक दंपती ने देख लिया और विरोध किया। पकड़े जाने के डर से आरोपितों ने फावड़े से मुकेश सिंह और विनीता सिंह पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के चलते दोनों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी नकदी और मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 34,960 रुपये की चोरी की रकम, मृतका का आधार कार्ड, वारदात में इस्तेमाल फावड़ा और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने के डर से मृतका का मोबाइल फोन कुएं में फेंक दिया गया था।
पूछताछ में राकेश ने पुलिस को बताया कि कंप्यूटर सीखने के दौरान उसे संस्थान की अंदरूनी गतिविधियों और नकदी की जानकारी हो गई थी। इसी जानकारी को आधार बनाकर चोरी की साजिश रची गई, लेकिन शिक्षक दंपती के विरोध के बाद चोरी की वारदात खूनी दोहरे हत्याकांड में बदल गई।