गुरुवार, 24 सितंबर 2026

मऊ :सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी व भीम आर्मी का प्रदर्शन।||Mau:Azad Samaj Party and Bhim Army protest demanding social justice and representation.||

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मऊ :
सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी व भीम आर्मी का प्रदर्शन।
जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, 24 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ में सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी (काशीराम) एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को प्रदर्शन किया। देशभर के जिला मुख्यालयों पर आयोजित “संपूर्ण भागीदारी आंदोलन” के क्रम में मऊ में भी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और समान अवसर का अधिकार देता है, लेकिन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं सहित विभिन्न वंचित वर्गों को शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन, न्यायपालिका तथा निर्णय लेने वाली संस्थाओं में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है।
प्रदर्शनकारियों ने आरक्षित वर्गों के रिक्त पदों एवं बैकलॉग को शीघ्र भरने तथा सरकारी सेवाओं में SC, ST और OBC को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने की मांग उठाई। साथ ही लोकसभा, विधानसभा, राज्यसभा और विधान परिषदों में OBC सहित SC और ST के उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग की गई।
ज्ञापन में जाति जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम, उच्च न्यायपालिका में SC, ST और OBC का प्रभावी प्रतिनिधित्व तथा कॉलेजियम व्यवस्था के स्थान पर उच्च न्यायिक आयोग गठित करने की मांग भी शामिल रही। इसके अलावा OBC क्रीमी लेयर की आय सीमा की समीक्षा और मंडल आयोग की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की गई।
महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण तथा SC, ST और OBC वर्ग की महिलाओं के लिए “कोटे के अंदर कोटा” सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठाई गई।
आंदोलनकारियों ने सरकारी योजनाओं और बजट में वंचित वर्गों की आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी, सरकारी ठेकों एवं खरीद में SC, ST और OBC को आरक्षण, निजी क्षेत्र में प्रतिनिधित्व तथा मीडिया संस्थानों में वंचित समाजों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में रखी।
सफाईकर्मियों से जुड़ी मांगों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर स्थायी नियुक्ति, रिक्त पदों पर भर्ती, समान काम के लिए समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा शामिल रही। सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई में मानव प्रवेश पूरी तरह रोकने तथा सफाईकर्मी की मृत्यु होने पर परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पुनर्वास की मांग भी की गई।
इसके साथ ही छात्रावासों के निर्माण, पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, SC-ST एक्ट के मामलों में मुआवजा राशि बढ़ाने, 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन से जुड़े मुकदमों की वापसी और सरकारी भर्तियों में बैकलॉग पूरा करने सहित कुल 24 मांगें ज्ञापन में शामिल की गईं।
कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से संबंधित संवैधानिक संस्थाओं एवं केंद्र सरकार का ध्यान इन मांगों की ओर आकृष्ट कराते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए उचित कदम उठाने का अनुरोध किया।