गुरुवार, 24 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी ने तोड़े रिकॉर्ड, 86 करोड़ के आरक्षित मूल्य के मुकाबले 238 करोड़ की बोली!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी ने तोड़े रिकॉर्ड, 86 करोड़ के आरक्षित मूल्य के मुकाबले 238 करोड़ की बोली!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत नोएडा प्राधिकरण की औद्योगिक भूखंड योजना में निवेशकों और उद्यमियों ने जबरदस्त रुचि दिखाई है। योजना संख्या Noida/IP/eAuction/2026-27/01 के तहत 19 औद्योगिक भूखंडों के लिए आयोजित ई-नीलामी में निर्धारित आरक्षित मूल्य से करीब तीन गुना अधिक की बोली प्राप्त हुई। इससे प्राधिकरण को लगभग 152 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

प्राधिकरण के अनुसार, 19 औद्योगिक भूखंडों के सापेक्ष कुल 224 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच के बाद पात्र पाए गए 195 आवेदकों ने 23 सितंबर 2026 को एचडीएफसी बैंक के पोर्टल के माध्यम से आयोजित ई-नीलामी प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लिया। ई-नीलामी की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत संपन्न हुई।

इन 19 औद्योगिक भूखंडों का कुल निर्धारित आरक्षित मूल्य लगभग 86 करोड़ रुपये रखा गया था। इसके मुकाबले विभिन्न आवेदकों और उद्यमियों ने कुल 238 करोड़ रुपये तक की बोली लगाई। इस प्रकार आरक्षित मूल्य की तुलना में लगभग 152 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राधिकरण को प्राप्त होगा।

औद्योगिक भूखंडों के लिए आवेदकों के बीच हुई प्रतिस्पर्धा से नोएडा में औद्योगिक निवेश के प्रति बढ़ते आकर्षण का संकेत मिला है। ई-नीलामी में सफल आवेदकों में विभिन्न उद्यमी शामिल हैं, जो इन भूखंडों पर अलग-अलग औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित करेंगे।

प्राधिकरण का मानना है कि आवंटित औद्योगिक भूखंडों पर परियोजनाओं की स्थापना होने के बाद नोएडा क्षेत्र में निवेश के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी बड़ी संख्या में सृजित होंगे। इससे क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचने की उम्मीद है।

औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी में आरक्षित मूल्य के मुकाबले इतनी अधिक बोली प्राप्त होना नोएडा में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए निवेशकों की मजबूत रुचि को दर्शाता है। आने वाले समय में इन भूखंडों पर परियोजनाएं धरातल पर उतरने के बाद क्षेत्र में उत्पादन, निवेश और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों के और विस्तार की संभावना है।।