गौतमबुद्धनगर: CEC ज्ञानेश कुमार को धमकी वाला वीडियो वायरल, युवा शक्ति दल के रवि गौतम के बयान पर नोएडा पुलिस की जांच शुरू!!
दो टूक//नोएडा। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को जान से मारने और गर्दन काटने की धमकी दिए जाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नोएडा में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बताए जा रहे रवि गौतम बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हिंसक धमकी देते नजर आ रहे हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए नोएडा पुलिस ने वीडियो की सत्यता और उससे जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो में रवि गौतम मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह कथित तौर पर यह कहते नजर आते हैं कि यदि उन्हें एक हत्या की माफी मिले तो वह सबसे पहले ज्ञानेश कुमार की गर्दन काटेंगे। वीडियो में उन्होंने चुनाव आयोग पर जनता के मताधिकार, युवाओं के रोजगार और चुनाव प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
वायरल वीडियो में रवि गौतम ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर एक राजनीतिक दल को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए संवैधानिक पद के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने मतदाता सूची में लोगों के नाम काटे जाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किए जाने जैसे कई दावे भी किए हैं।
हालांकि, वीडियो में लगाए गए ये आरोप रवि गौतम के अपने दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। वहीं, चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच मतदाता सूची तथा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर पहले से राजनीतिक बहस जारी है।
वीडियो की प्रामाणिकता खंगाल रही नोएडा पुलिस
वायरल वीडियो सामने आने के बाद नोएडा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो वास्तविक है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है। इसके साथ ही वीडियो कब और कहां बनाया गया, किसने रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर इसे किस अकाउंट से प्रसारित किया गया, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
रवि गौतम के पहले के विवाद भी चर्चा में
वायरल वीडियो के बाद रवि गौतम का नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह इससे पहले भी मेरठ में पुलिस से जुड़े विवाद को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। रिपोर्टों में उनके पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन और धरने का भी उल्लेख किया गया है।
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसमें दी गई धमकी की पुष्टि से जुड़ा है। नोएडा पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया तथा उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की वास्तविक भूमिका क्या है। वहीं, चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और किसी संवैधानिक पदाधिकारी को दी गई कथित हिंसक धमकी को अलग-अलग संदर्भों में देखना जरूरी है।।
