गौतमबुद्धनगर: नोएडा प्राधिकरण में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, जीएम के पीए समेत दो को टीम ले गई; लाखों की नकदी मिलने की चर्चा!!
दो टूक//नोएडा। नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों के बीच सोमवार को विजिलेंस विभाग की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक, विजिलेंस टीम ने सेक्टर-6 में कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जीएम) के निजी सहायक (पीए) बताए जा रहे रजनीश त्यागी समेत दो लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। कार्रवाई के दौरान दोनों के पास से लाखों रुपये की नकदी मिलने की भी प्रारंभिक सूचना सामने आई है। हालांकि, बरामदगी की वास्तविक रकम और कार्रवाई की पूरी वजह को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को विजिलेंस विभाग की टीम ने सेक्टर-6 में अचानक कार्रवाई की। टीम ने रजनीश त्यागी और उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति को अपने साथ लिया। बताया जा रहा है कि दोनों से विजिलेंस टीम द्वारा किसी भ्रष्टाचार संबंधी मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। इस दौरान नकदी मिलने की सूचना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
हालांकि, नकदी कितनी थी, वह कहां से आई और उसका किसी सरकारी काम या कथित लेन-देन से संबंध है या नहीं, इन सवालों का जवाब फिलहाल जांच के बाद ही सामने आएगा। विजिलेंस विभाग की ओर से अभी तक बरामदगी अथवा पूछताछ को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
जीएम के निजी सहायक के रूप में बताए जा रहे रजनीश त्यागी
रजनीश त्यागी को नोएडा प्राधिकरण के एक महाप्रबंधक के निजी सहायक के रूप में बताया जा रहा है। उनके साथ ले जाए गए दूसरे व्यक्ति की पहचान और प्राधिकरण से उसका संबंध अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। विजिलेंस टीम की पूछताछ के बाद ही यह तस्वीर साफ होगी कि दोनों की भूमिका क्या है और कार्रवाई किस शिकायत अथवा सूचना के आधार पर की गई।
नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर पहले भी जांच एजेंसियां सक्रिय रही हैं। भूमि आवंटन, मुआवजा, लीजबैक और अन्य मामलों को लेकर प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में विजिलेंस की ताजा कार्रवाई ने प्राधिकरण के अंदर एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है।
पूछताछ के बाद खुलेगा कार्रवाई का पूरा राज
फिलहाल विजिलेंस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथित रूप से बरामद नकदी का स्रोत क्या है और क्या इसका किसी सरकारी काम, फाइल या लेन-देन से संबंध है। इसके अलावा पूछताछ में क्या कोई नया नाम सामने आता है, यह भी जांच का अहम हिस्सा होगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी यह मामला जांच के स्तर पर है और रजनीश त्यागी अथवा दूसरे व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। विजिलेंस विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
नोएडा प्राधिकरण में हुई इस कार्रवाई ने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी चर्चा तेज कर दी है। अब सबकी नजर विजिलेंस की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक खुलासे पर टिकी है।
