गोण्डा- करीब एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश और हवाओं की वजह से इटियाथोक क्षेत्र के अंतर्गत सैकड़ो ग्रामो की बिजली व्यवस्था अभी तक ध्वस्त चल रही है। आंधी पानी के बाद से अबतक क्षेत्र के तमाम ग्रामो में विजली नही आई है और हर तरफ हाहाकार मचा है व ग्रामीण जनता गर्मी और अंधेरे में हलकान है। बिजली नही आने से जिम्मेदारों के प्रति जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है। लोगो के इन्वर्टर और मोबाइल फोन डिस्चार्ज पड़े हैं जिस वजह जनता में भारी गुस्सा है। आंधी-पानी में क्षेत्र में सैकड़ो बिजली के पोल गिरने से हर गांव की बिजली गायब है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के हजारों उपभोक्ता भारी संकट झेल रहे हैं। विगत कई दिनों से बिजली नहीं आने से लोगों के सामने पेयजल का संकट भी खड़ा हो गया है और बच्चो के पढ़ाई का भी नुकसान हो रहा है। मरम्मत कार्य में देरी से अब जनता बेहाल है।
ईस्ट फीडर के दुर्गेश, मनोज, अजय, दिनेश, कृष्ण गोपाल, हरिशरण तिवारी, गुड्डू मिश्र, संतोष मिश्रा, नानबाबू सहित अन्य लोगो ने कहा कि मौसम साफ हुए कई दिन गुजर चुके है लेकिन अभी तक ईस्ट फीडर खराब पड़ा है और इसे बनाने वाला कोई नही है।
"तो क्या इटियाथोक के ईस्ट फीडर के अनेक ग्रामो में दुर्गापूजा तक नही जाएगी विजली?"
आंधी पानी के बाद ईस्ट फीडर पर अभी तक महज पर्सिया गांव तक सप्लाई बहाल हुई है। आगे चुरिहारपुर से मोहनापुर तक की 11 हजार लाइन प्राइवेट कर्मियों ने कुछ लोगो के सहयोग से अभी तक सही किया है, लेकिन सप्लाई इधर नही बहाल हुई है। कल भी आम जनता प्राइवेट कर्मियों के भरोसे रहेगी और आगे का काम होने की उम्मीद है? विभाग द्वारा बताया जा रहा है कि अयाह चौराहे से पर्सिया के बीच चुरिहारपुर गांव पुराने भट्ठे के निकट कब्रस्तान के पीछे झाड़ी व खेत मे लगे मुख्य लाइन 11 हजार के 4- 5 पोल गिर गए है। यहां पर कीचड़ व पानी भरा है और फसल व झाड़ी है। काम करने आये ठेकेदार ने एक दिन पूर्व इस क्षेत्र का जायजा लिया और अयाह चौराहे पर दो पोल लगाकर हाइड्रा मशीन लेकर वापस लौट गया। ठेकेदार ने कहा कि उक्त स्थान पर कीचड़ व पानी मे मशीन से पोल बदलना अभी कुछ दिनों तक सम्भव नही है। वहीं जेई अंकुर सिंह ने कहा कि उक्त स्थान पर ही जनता के सहयोग से आने वाले दिनों में पानी कीचड़ और फसल में किसी तरह से सभी पोल बगैर मशीन के इंसानी ताकत से बदलने के प्रयास किये जायेंगे। हलाकि जेई के द्वारा आज उक्त स्थान का निरीक्षण किया जाना था लेकिन उनको यहाँ आने का समय नही मिला। जेई ने बताया कि उक्त जगह पर जहां पोल लगे थे वहीं पर वह लगेंगे उनके स्थान में कोई भी बदलाव नही हो सकता है। अब प्रश्न यह उठता है कि आम जनता अपना कामकाज छोड़कर उक्त कार्य मे सहयोग करेगी या नही? अगर सहयोग करेगी तभी यह काम होगा और उसके बाद आगे की लाइन चलेगी अन्यथा अनेक ग्रामो की सप्लाई बंद रहेगी। वहीं जानकारों का कहना है कि उक्त स्थान पर दुर्गापूजा/दशहरा के बाद पानी सूखने पर ही पोल बदल पाना सम्भव होगा। विभागीय एसडीओ शेषमणि त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी तरह जल्द ही आने वाले दिनों में उक्त पोल को बदलवाने का प्रयास किया जाएगा।
आम जनता का कहना है कि करीब 10 दिन बाद अनेक ग्रामो में दुर्गापूजा होना है। मौसम साफ होने के बाद 3 दिन में ईस्ट फीडर के आरंभ के महज 3 गांव की सप्लाई आज शाम तक बहाल हुई है। इतनी धीमी गति से काम हुवा तो आगे के 10 दिन में ईस्ट फीडर के सैकड़ो ग्रामो की विजली आपूर्ति कैसे बहाल कर दी जाएगी। वही क्षेत्र के हर फीडर पर स्टाफ के कमी का रोना रोया जा रहा है, ऐसे में काम और भी बाधित हो रहा है। विजली विभाग का यह हाल है कि उनके अधिकारी और कर्मचारी आम जनता का फोन तक नही उठा रहे और उपभोक्ता प्राइवेट कर्मियों को चंदा लगाकर या अपने जेब से रकम देकर अपनी एलटी और एचटी लाइन बनवाने को विवश है, ताकि जब कभी क्षेत्र की आपूर्ति बहाल हो तो उनको बिजली मिल पाए। बताते चले कि यहां पर ईस्ट, साउथ सहित सभी ग्रामीण फीडर पर अनेक ग्रामो में कई दिनों से विजली नही आई है और जनता बेहाल है।
