अम्बेडकरनगर :
वेतन के लिए आर-पार की लड़ाई: बी-पैक्स सचिवों ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी।।
काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू, 7 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन; 1 नवंबर से तालाबंदी का ऐलान।
।।पूनम तिवारी।।
दो टूक: अम्बेडकरनगर जनपद में वेतन भुगतान की मांग को लेकर बी-पैक्स समितियों के सचिवों का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। जनपद के बी-पैक्स सचिवों ने काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू कर दिया है। सचिवों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 7 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा और इसके बाद 1 नवंबर से समितियों में तालाबंदी कर सामूहिक इस्तीफा दिया जाएगा।
विस्तार :
जनपद मे बुधवार को बी-पैक्स सचिवों ने शासन से लंबित वेतन का भुगतान कराने और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किए जाने की मांग को लेकर कार्य दिवस पर कर्मियों ने काली पट्टी बांध कर कार्य किया।
सचिव संघ के जिलाध्यक्ष वशिष्ठ कुमार शुक्ला ने कहा कि बी-पैक्स सचिव किसानों के बीच रहकर धान-गेहूं खरीद, उर्वरक बिक्री, ऋण वितरण सहित शासन की विभिन्न योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने का काम करते हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को नियमित वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है।
उन्होंने बताया कि कई सचिवों को एक साथ दो से चार समितियों का प्रभार देकर काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वयं उनके पास चार समितियों का प्रभार है और उनका 37 माह का वेतन बकाया है।
सालभर में सिर्फ 2 से 4 माह का वेतन
बी-पैक्स सुमेरपुर के सचिव राकेश मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सरकार का अपेक्षित ध्यान नहीं है। वहीं जिला महामंत्री यशवंत यादव ने बताया कि कई कर्मचारियों को पूरे वर्ष में महज दो से चार माह का ही वेतन मिल पाता है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
7 अक्टूबर को लखनऊ में जुटेंगे सचिव
खजूरी-करौंदी के सचिव बागीश पांडेय ने कहा कि वेतन और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर 7 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन में सभी कर्मचारी शामिल होंगे।
जिला मीडिया प्रभारी नीरज त्रिपाठी ने आंदोलन को लेकर कहा कि यह आर-पार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सामने अब जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।
23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध
सचिव संघ के अनुसार 23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध किया जाएगा। इसके बाद भी यदि कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 1 नवंबर से समितियों में तालाबंदी कर सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लागू किया जाएगा।।
