गौतमबुद्धनगर: यूपी की विकास यात्रा ने बदली तस्वीर, अब दुनिया के बाजारों में बढ़ रही प्रदेश की पहचान: पीयूष गोयल
यूपीआईटीएस-2026 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा—एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, डिफेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में निवेश से मजबूत हो रही नई औद्योगिक तस्वीर
दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश की बदलती औद्योगिक और कारोबारी तस्वीर अब देश के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 (UPITS) के तीसरे दिन आयोजित विशेष बिजनेस सेशन ‘लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ’ में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई दिशा तय की है।
पीयूष गोयल ने कहा कि प्रदेश की सकारात्मक सोच, उद्यमियों का बढ़ता आत्मविश्वास और विकास के प्रति प्रतिबद्धता आज उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास की गूंज अब केवल देश में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। प्रदेश में बने एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट, बड़े औद्योगिक पार्क तथा डिफेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हो रहा निवेश बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर को सामने रख रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुरू हुआ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो आने वाले वर्षों में और बड़ा तथा प्रभावी आयोजन बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को आने वाले समय में पूरी दुनिया एक उदाहरण के रूप में देखेगी।
स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक बाजार में पहचान
पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद अब देश की सीमाओं से बाहर निकलकर दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं। नोएडा के निकट तेजी से विकसित हो रही रोबोटिक्स फैक्ट्री का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश अब आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात, विदेशी निवेश और पर्यटन के विस्तार से जुड़ रही है। प्रदेश के उत्पादों में गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जिससे उन्हें वैश्विक बाजार में पहुंच बनाने के अवसर मिल रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश के निर्यात को पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य प्रदेश की आर्थिक क्षमता और बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से प्रदेश में निवेश और कारोबार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने उद्योग और व्यापार जगत से इन अवसरों का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को गति देने का आह्वान किया।
2017 से पहले के माहौल का किया उल्लेख
केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश के कारोबारी माहौल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कानून-व्यवस्था और व्यापारिक वातावरण को लेकर उद्यमियों में चिंता का माहौल था। बड़े उद्योगों और नए निवेश को लेकर पर्याप्त उत्साह नहीं था। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के कारण आम लोगों के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग जगत में भी निराशा थी।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में रोबोटिक्स, डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में बड़े निवेश की कल्पना करना कठिन था। आज प्रदेश में इन क्षेत्रों में हो रहे निवेश और औद्योगिक गतिविधियों से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में आए बदलाव को देखा जा सकता है।
जन-आकांक्षाओं को आधार बनाकर तैयार हुआ था संकल्प पत्र
पीयूष गोयल ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र तैयार करने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय पार्टी कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव और घर-घर जाकर युवाओं, महिलाओं तथा समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए थे। लोगों ने अपनी आकांक्षाएं और अपेक्षाएं सामने रखीं, जिन्हें संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया गया।
उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश की जनता की अपेक्षाएं व्यापक थीं और उन्हें पूरा करने के लिए बड़े वित्तीय संसाधनों की जरूरत थी। प्रदेश का बजट सीमित था और नियमित दायित्वों के बाद विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन उपलब्ध होते थे। इसके बावजूद विकास की आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए।
राजस्व संग्रह में सुधार से विकास कार्यों को मिला आधार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास के साथ राजस्व संग्रह के क्षेत्र में भी प्रगति की है। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और इसका उपयोग प्रदेश के विकास कार्यों में किया जा रहा है।
आबकारी राजस्व का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्तमान समय में प्रदेश के आबकारी राजस्व में लगभग पांच गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने भूमि हस्तांतरण, रजिस्ट्रेशन फीस और स्टांप ड्यूटी से प्राप्त राजस्व में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया।
खनन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि वर्ष 2016-17 में बालू, मौरंग, पत्थर और अन्य खनिजों से प्रदेश को करीब 1,548 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वर्तमान में इस क्षेत्र से राजस्व संग्रह में कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में सुधार के कारण सरकार के पास सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जहां पहले प्रदेश वित्तीय दबाव और राजस्व घाटे की स्थिति से जूझता था, वहीं अब उत्तर प्रदेश सरकार सरप्लस बजट पेश करने की स्थिति में है। उनके अनुसार इससे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों पर अनावश्यक कर्ज का बोझ कम रखने में भी मदद मिलती है।
यूपीआईटीएस वैश्विक बाजार से जोड़ने का बड़ा मंच
केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो को केवल व्यापार मेले तक सीमित न बताते हुए इसे प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के माध्यम से भारतीय उत्पादों के लिए दुनिया के कई बाजारों में अवसर बढ़े हैं और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को इनका लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेहतर औद्योगिक नीतियों और निवेश के अनुकूल वातावरण के चलते उत्तर प्रदेश निवेश के प्रमुख गंतव्यों में शामिल हो रहा है। विभिन्न क्षेत्रों के निवेशक और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश का दौरा कर रहे हैं, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर तैयार हो रहे हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकसित किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यापारिक आयोजन उद्यमियों को सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर दे रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों से वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के जरिए दुनिया के कई बाजार भारत के लिए खुले हैं और उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली उद्यमियों को इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाकर अपने उत्पादों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, उद्योग आयुक्त के. विजयेंद्र पांडियन और विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर सहित अन्य अधिकारी एवं उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।।
