रविवार, 27 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: डिजिटल मार्केट, मजबूत सप्लाई चेन और सुशासन से यूपी के हस्तशिल्प को मिलेगी वैश्विक पहचान: भूपेंद्र चौधरी

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गौतमबुद्धनगर: डिजिटल मार्केट, मजबूत सप्लाई चेन और सुशासन से यूपी के हस्तशिल्प को मिलेगी वैश्विक पहचान: भूपेंद्र चौधरी

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये के पार, जिलों के कॉमन फैसिलिटी सेंटर बन रहे हाईटेक स्टूडियो

दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए डिजिटल मार्केटिंग, मजबूत सप्लाई चेन, आधुनिक लॉजिस्टिक्स और बेहतर ब्रांडिंग पर जोर दिया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के विशेष सत्र में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश के मजबूत ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास का लाभ गांवों, कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों तक पहुंचाना है।

भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि इंडिया एक्सपो सेंटर बदलते भारत और बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में उद्योग, निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसका असर प्रदेश के औद्योगिक और निर्यात क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच चुका है। सरकार डिजिटल मार्केट और सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में एक्सपोर्ट हब विकसित करने पर काम कर रही है। वाराणसी जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं हस्तशिल्प केंद्रों पर लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और कस्टम्स से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में कारोबारियों को सहूलियत मिल सके।

कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेंगे हाईटेक स्टूडियो

एमएसएमई मंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्थापित कॉमन फैसिलिटी सेंटर को आधुनिक हाईटेक स्टूडियो के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों पर उत्पादों की ब्रांडिंग, प्रमोशन, 3डी और हाई-डेफिनिशन फोटोग्राफी तथा आधुनिक पैकेजिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे छोटे कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों को बेहतर तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित करने और वैश्विक ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को डिजिटल बाजार उपलब्ध होने से कारीगरों और छोटे कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

स्थानीय हुनर को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार

भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, भदोही के कालीन और मुरादाबाद के हस्तशिल्प जैसे उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी संभावनाएं हैं। इन उत्पादों को वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के साथ डिजिटल प्रमाणन, ऑनलाइन परमिट और ट्रेसबिलिटी जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने वैश्विक खरीदारों, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से उत्तर प्रदेश के एक्सपोर्ट इकोसिस्टम से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की डिजिटल और औद्योगिक विकास यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सरकार, उद्यमियों और कारीगरों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

डिजिटल मार्केटिंग से ग्लोबल बाजार तक पहुंच बनाएं हस्तशिल्प उद्यमी: के. विजयेंद्र पांडियन

आयुक्त (उद्योग) के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि आने वाले समय में कारोबार तेजी से डिजिटल माध्यमों पर निर्भर होगा। ऐसे में हस्तशिल्प उद्यमियों को इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मार्केटिंग और ब्रांडिंग को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एमएसएमई और हस्तशिल्प का बड़ा केंद्र है और यहां के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने कारोबारियों से केवल ट्रेडिंग तक सीमित न रहने की अपील करते हुए उत्पाद की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बेहतर मार्जिन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनपदों के विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें मॉडल के रूप में विकसित करने, होम डेकोर सहित अन्य उत्पादों के लिए डिजिटल और फिजिकल शोरूम तैयार करने तथा एक्सपोर्ट चैनल के माध्यम से विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया।

के. विजयेंद्र पांडियन ने प्रतिभागियों से विशेषज्ञों द्वारा दिए जा रहे सत्रों को गंभीरता से सुनने, सफल कारोबार मॉडल का अध्ययन करने और अपनी जिज्ञासाओं के समाधान लेकर उन्हें व्यावहारिक रूप से अपने कारोबार में लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक, बेहतर ब्रांडिंग और वैश्विक बाजार की समझ के साथ उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प उद्यमी अपने कारोबार का दायरा तेजी से बढ़ा सकते हैं।।