रविवार, 20 सितंबर 2026

लखनऊ :अन्तर्राज्यीय गिरोह के 6 शातिर गिरफ्तार,फर्जी पुलिस बनकर अपहरण, 13 लाख की फिरौती थी वसूली। ||Lucknow: Six members of an interstate gang arrested for kidnapping by posing as police officers and demanding a ransom of Rs 13 lakh.||

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लखनऊ :
अन्तर्राज्यीय गिरोह के 6 शातिर गिरफ्तार,फर्जी पुलिस बनकर अपहरण, 13 लाख की फिरौती थी वसूली। 
दो टूक :राजधानी लखनऊ के थाना कृष्णा नगर पुलिस और सर्विलांस टीम दक्षिणी ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर अपहरण और फिरौती वसूलने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के छह शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से दो अवैध तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, ढाई लाख रुपये नकद, घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो, दो कूटरचित नंबर प्लेट और चार फर्जी पुलिस अधिकारी आईडी कार्ड बरामद हुए हैं,गिरफ्तार शातिरों के खिलाफ आगे की कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।
विस्तार : 
DCP साउथ मो० मुश्ताक ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते 13 सितंबर 2026 को सुदर्शन घोष ने कृष्णानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑफिस जाते समय पांच अज्ञात लोगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया। आरोपियों ने असलहे के बल पर उन्हें डराया-धमकाया और मारपीट करते हुए उनकी पत्नी को फोन कर फिरौती की मांग की।
मामले में कृष्णानगर थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने गिरोह तक पहुंचने के लिए आठ टीमें गठित कीं। पुलिस और सर्विलांस टीम ने करीब 220 से 240 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की।
◆13 लाख रुपये और सोने-चांदी के जेवर लेकर छोड़ा।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह पहले पैसे वाले लोगों की रेकी करता था। लखनऊ की घटना में पीड़ित की गतिविधियों की जानकारी उसके करीबी बताए जा रहे गिरोह के सदस्य ने उपलब्ध कराई थी। इसके बाद आरोपियों ने कई दिनों तक रेकी की और मौका मिलते ही फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर सुदर्शन को गाड़ी में बैठा लिया।
◆आरोपियों ने पीड़ित से उसकी पत्नी को फोन करवाकर फिरौती की मांग की। पुलिस के मुताबिक, बाद में 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर फिरौती के तौर पर मिलने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को शहीद पथ के पास छोड़ दिया और अलग-अलग राज्यों में फरार हो गए।
●अगली वारदात की फिराक में दोबारा पहुंचे थे लखनऊ।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने फिरौती की रकम और जेवर आपस में बांट लिए थे। कुछ रकम ऐशो-आराम में खर्च कर दी गई। इसके बाद वे अगली वारदात को अंजाम देने के लिए दोबारा लखनऊ पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
●गिरोह के सदस्य वारदात में इस्तेमाल वाहनों पर कूटरचित नंबर प्लेट लगाते थे, ताकि पुलिस उनकी पहचान न कर सके।
बुलंदशहर से बिहार तक फैला नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों में अनुराग पुत्र धर्मेन्द्र सिंह, अनुराग कुमार, लवी कुमार, दीपांशु कुमार, आकाश चौधरी और मनीष कुमार शामिल हैं। आरोपी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और बिहार के मुजफ्फरपुर व सारण जनपद के रहने वाले हैं। पुलिस इसे अन्तर्राज्यीय गिरोह बता रही है और इसके अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी आकाश और अनुराग का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास सामने आया है, जिसमें मारपीट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
●पुलिस के शिकंजे में छह, बाकी की तलाश तेज।
कृष्णानगर पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार सभी छह आरोपियों को नियमानुसार कार्रवाई पूरी कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और लूटे गए जेवरात की बरामदगी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है। वही घटना के सफल अनावरण पर डीसीपी दक्षिणी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।