रविवार, 25 अक्टूबर 2026

लखनऊ :SGPGI में खून के नाम पर कथित दलाली का खेल-पांच युवको पुलिस ने पकड़ा।||Lucknow:Police arrested five youths involved in alleged brokerage in the name of blood at SGPGI.||

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लखनऊ :
SGPGI में खून के नाम पर कथित दलाली का खेल-पांच युवको पुलिस ने पकड़ा।।
कथित सरगना हिमांशु सिंह समेत पांच से पूछताछ जारी।।
दो टूक : राजधानी के प्रतिष्ठित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में मरीजों को खून उपलब्ध कराने के नाम पर कथित दलाली किए जाने का मामला सामने आया है। शनिवार शाम अस्पताल परिसर में संदिग्ध गतिविधियां देखकर सुरक्षा कर्मियों ने पांच युवकों को पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों में हिमांशु सिंह को कथित सरगना बताया जा रहा है। पुलिस सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
विस्तार : 
मिली जानकारी के मुताबिक एसजी पीजीआई परिसर में गश्त कर रहे सुरक्षा कर्मियों की नजर पांच युवकों पर पड़ी और उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ किया मामला सामने आने के बाद पीजीआई चौकी इंचार्ज परवेज आलम की मदद से पुलिस को सुपुर्द कर दिया।।
पकड़े गए युवकों की पहचान हिमांशु सिंह, पवन कुमार सिंह, भावेश सिंह, प्रदीप कुमार और अमन कुमार के रूप में हुई है। इनमें दो युवक कॉलेज के छात्र भी बताए जा रहे हैं। आशंका है कि युवक अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों से खून उपलब्ध कराने के नाम पर संपर्क साध रहे थे। हालांकि, कथित दलाली के आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मरीजों की मजबूरी से जुड़ा है मामला
अस्पताल में भर्ती मरीजों को जरूरत के समय खून उपलब्ध कराना उनके परिजनों के लिए बेहद संवेदनशील विषय होता है। ऐसे में खून दिलाने के नाम पर कथित दलाली की आशंका ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक किस उद्देश्य से अस्पताल पहुंचे थे, क्या किसी मरीज या तीमारदार से पैसों की मांग की गई थी और इस गतिविधि में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
तहरीर का इंतजार, जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। पांचों युवकों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिया है कि फिलहाल शांति भंग की आशंका के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और शिकायत के आधार पर होगी।
●अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अस्पताल परिसर में खून उपलब्ध कराने के नाम पर कोई संगठित दलाली का नेटवर्क सक्रिय था, या मामला कुछ और है? इसका खुलासा पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगा।