शनिवार, 3 अक्टूबर 2026

लखनऊ :PGI क्षेत्र में लाइव टीवी डिबेट के बीच सियासी तूफान,बाहर मिलो जिंदा गाड़ देने की धमकी।।||Lucknow:Political storm erupts in the PGI area amid live TV debate; threats of being buried alive if found outside.||

शेयर करें:
लखनऊ :
PGI क्षेत्र में लाइव टीवी डिबेट के बीच सियासी तूफान,बाहर मिलो जिंदा गाड़ देने की धमकी।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना पीजीआई क्षेत्र वृन्दावन योजना में टीवी कैमरे ऑन थे, लाइव डिबेट चल रही थी और सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग कुमार ओझा बहस में बैठे थे। इसी दौरान वृन्दावन योजना स्थित उनके कार्यालय में दो लोगों के पहुंचने से माहौल अचानक गरमा गया। आरोप है कि दोनों जबरन कार्यालय में घुसे और लाइव प्रसारण वाले कमरे तक पहुंचने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने रोकने की कोशिश की तो गाली-गलौज और धमकियों का दौर शुरू हो गया।
विस्तार : 
जानकारी के अनुसार सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग कुमार ओझा ने थाना
पीजीआई में दी गई तहरीर के मुताबिक घटना बीते शुक्रवार शाम करीब 5:40 बजे की है। अनुराग कुमार ओझा जनतंत्र टीवी पर लाइव डिबेट में शामिल थे। इसी दौरान सत्य प्रकाश पाण्डे और गंगाधर मिश्रा कथित रूप से उनके कार्यालय में दाखिल हुए और प्रसारण कक्ष में घुसने का प्रयास किया।
कार्यालय कर्मचारियों द्वारा रोकने पर दोनों पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप है। शोर सुनकर अनुराग ओझा बाहर आए तो विवाद और बढ़ गया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने उन्हें कथित तौर पर धमकाते हुए कहा— “बहुत बड़े नेता बनते हो, बाहर मिलो, वहीं जिंदा गाड़ देंगे।”
सुभासपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि दोनों लोग राजनीतिक द्वेषभावना से प्रेरित होकर कार्यालय में पहुंचे थे और उनका उद्देश्य लाइव प्रसारण को प्रभावित करना था। तहरीर में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी इससे पहले भी उन पर हमला करने का प्रयास कर चुके हैं।
मामले में अनुराग ओझा ने पीजीआई पुलिस से दोनों आरोपियों के खिलाफ जबरन कार्यालय में घुसने, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और लाइव प्रसारण बाधित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
पीजीआई इस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह बताया कि सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग कुमार ओझाके तहरीर के अनुसार एफआईआर दर्ज कर पूरे प्रकरण की
 पुलिस जांच कर रही है। मामला राजनीतिक सियासत का है जांचोपरांत अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।