मऊ :
हत्या के आरोपी ने खुद को मृत घोषित कर न्यायालय को किया गुमराह,हुआ गिरफ्तार।
●फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से बाहर ऐस से बीता रहा जीवन।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : हत्या के मुकदमे में संभावित सजा से बचने के लिए खुद को मृत दर्शाकर फरार चल रहे आरोपी को मऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक,आरोपी ने गाजीपुर में कथित तौर पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, दाह संस्कार संबंधी प्रमाण पत्र और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर न्यायालय में दाखिल किए थे। कोतवाली नगर पुलिस,एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने रविवार, 25 अक्टूबर को ख्वाजाजहांपुर मोहल्ले के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
विस्तार :
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू उर्फ राजकुमार राजभर (38), पुत्र स्वर्गीय रामनाथ, निवासी ख्वाजाजहांपुर, थाना कोतवाली नगर, मऊ के रूप में हुई है। गिरफ्तारी सुबह करीब 9:10 बजे की गई। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की गई।
2016 में गोली मारकर हुई थी हत्या
पुलिस के मुताबिक, 19 दिसंबर 2016 को नगरीपार निवासी अविनाश सिंह ने अपने चाचा योगेश सिंह की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि मुंशीपुरा रेलवे लाइन के पास राजू उर्फ राजकुमार राजभर और उसके साथी सुदर्शन राजभर ने गोली मारकर योगेश सिंह की हत्या कर दी थी। इस मामले में कोतवाली नगर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 2156/2016 के तहत धारा 302 भारतीय दंड संहिता में अभियोग दर्ज किया गया था।
मौत का फर्जी दस्तावेज बनवाने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि हत्या के मुकदमे की सुनवाई के दौरान संभावित सजा से बचने के लिए आरोपी ने 30 मई 2025 को गाजीपुर में खुद को मृत दर्शाने की कथित साजिश रची। आरोप है कि उसने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, दाह संस्कार से संबंधित प्रमाण पत्र और अन्य जाली अभिलेख तैयार कराकर न्यायालय में दाखिल किए, जिसके बाद वह फरार चल रहा था।
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों से लिए गए रुपये वापस करने से बचना चाहता था। इस मामले में कोतवाली नगर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 294/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 229, 233, 336(3), 337, 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों के निर्देशन में हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्र के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर नितेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध हत्या और कथित फर्जी दस्तावेजों से संबंधित दो मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई है।
