लखनऊ :
साइबर ठगी की बढ़ती घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती।
एक सप्ताह में पीजीआई क्षेत्र से जुड़े कई मामले दर्ज।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में साइबर अपराधियों के बढ़ते हौसले ने पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पीजीआई थाना क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर साइबर ठगी के एक से अधिक मामले सामने आए हैं। कहीं बैंक खाते से बिना जानकारी के हजारों रुपये निकाल लिए गए तो कहीं मोबाइल फोन हैक कर लाखों रुपये की रकम उड़ा दी गई।
विस्तार :
पीजीआई थाने में दर्ज एक मामले में रत्नाकर खंड, साउथ सिटी निवासी राकेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि 21 सितंबर को उनके बैंक खाते से उनकी जानकारी और अनुमति के बिना 80 हजार, 19,500 और 400 रुपये, यानी कुल 99,900 रुपये की रकम निकाल ली गई। बैंक से मिले संदेश और स्टेटमेंट के जरिए उन्हें इसकी जानकारी हुई। पीड़ित के मुताबिक उन्होंने तत्काल साइबर क्राइम ब्रांच, हजरतगंज में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में मामला आवश्यक कार्रवाई के लिए पीजीआई थाने भेजा गया।
◆वहीं दूसरे मामले में थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र नीलमथा के पटेल नगर निवासी बसंत बहादुर सिंह ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित के अनुसार 18 सितंबर की शाम एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को ग्रीन गैस से जुड़ा बताते हुए बिल के नाम पर महज 13 रुपये खाते से कटवाने की बात कही। इसके बाद कथित तौर पर मोबाइल फोन हैक कर लिया गया और बैंक खाते से कुल 1.87 लाख रुपये नौ बार में निकाल लिए गए।
पीड़ित ने घटना के बाद तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर क्राइम सेल हजरतगंज में भी शिकायत की गई।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों से साफ है कि साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। कभी गैस बिल, कभी बैंक अपडेट तो कभी छोटे ऑनलाइन भुगतान के बहाने मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर लाखों रुपये की रकम साफ कर दी जा रही है।
●पीजीआई इस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने जनता से अपील की है कि अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर किसी भी व्यक्ति को बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति न दें। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और संबंधित थाने में सूचना दें।
