लखनऊ :
करोड़ों की जमीन के फर्जीवाड़े में इनामी पिता-पुत्र गिरफ्तार,दो माह से थे फरार।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के कोतवाली मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में करोड़ों रुपये कीमत की जमीन के कथित फर्जीवाड़े में फरार चल रहे 25-25 हजार रुपये के इनामी पिता-पुत्र को पुलिस टीम ने रायबरेली स्थित एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया। दोनो दो माह से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे।।
दोनों के खिलाफ मोहनलालगंज थाने में करोड़ों रुपये की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से विक्रय विलेख कराने का मुकदमा दर्ज है।
विस्तार :
पुलिस के मुताबिक कोतवाली मोहनलालगंज क्षेत्र सिसेण्डी में करोड़ों रुपये कीमत की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने का आरोप पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल और उनके बेटे समेत पांच लोगों पर लगा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य आशीष गुप्ता की शिकायत पर 25 जुलाई को मोहनलालगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी हुई थी जिन्हें आज गिरफ्तार करने मे कामयाब रही।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिसेंडी निवासी पूर्व प्रधान राजेश जायसवाल उर्फ राजू (55) और उसके बेटे अमन जायसवाल उर्फ रासू (26) के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ मोहनलालगंज थाने में करोड़ों रुपये की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से विक्रय विलेख कराने का मुकदमा दर्ज है।
पुलिस के मुताबिक, सिसेंडी निवासी आशीष कुमार गुप्ता की शिकायत पर 25 जुलाई 2026 को मुकदमा संख्या 275/2026 दर्ज किया गया था। आरोप है कि जमीन के फर्जीवाड़े के लिए असली सुरेश कुमार की जगह हरीलाल को फर्जी सुरेश कुमार बनाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन की बिक्री कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश पर मोहनलालगंज थाने की तीन पुलिस टीमों के साथ सर्विलांस सेल को लगाया गया था। तकनीकी एवं मैनुअल साक्ष्यों तथा स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने दोनों इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपियों ने आर्थिक लाभ के लिए फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन को अपने तथा अन्य लोगों के नाम पर विक्रय विलेख कराने की बात स्वीकार की है। हालांकि, आरोपों और स्वीकारोक्ति का अंतिम निर्धारण न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगा।
पुलिस के अनुसार मामले में फर्जी सुरेश कुमार बने हरीलाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
आपराधिक इतिहास भी सामने आया: पुलिस के मुताबिक अमन जायसवाल के खिलाफ कुल तीन और राजेश जायसवाल के खिलाफ छह अभियोग पंजीकृत हैं। इनमें धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज, मारपीट, धमकी और एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के मामले शामिल हैं।
●गिरफ्तार जालसाजो को न्यायालय ले जाती पुलिस।।
