गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय के विजयी छात्र प्रतिनिधियों का गुर्जर महासभा ने किया सम्मान, युवाओं को सामाजिक बदलाव का दिया संदेश!!

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दिल्ली विश्वविद्यालय के विजयी छात्र प्रतिनिधियों का गुर्जर महासभा ने किया सम्मान, युवाओं को सामाजिक बदलाव का दिया संदेश!!
 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दहेज प्रथा और नशे के खिलाफ एकजुटता का संकल्प, 27 अक्टूबर की गुर्जर स्वाभिमान रैली में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान

दो टूक//नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026।** दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में जीत हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की ओर से नई दिल्ली के कोटला स्थित गुर्जर भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विजयी छात्र प्रतिनिधियों का स्वागत कर उन्हें जीत की बधाई दी गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस दौरान युवाओं की शैक्षिक चुनौतियों, नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक भविष्य पर चर्चा करते हुए उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में महासभा के पदाधिकारियों ने छात्र-छात्राओं की उपलब्धियों को युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक बताया। वक्ताओं ने कहा कि युवा किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे युवाओं को उचित मार्गदर्शन और सहयोग मिलना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

युवाओं को हर परिस्थिति में सहयोग का भरोसा

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने छात्र प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी सफलता पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि युवाओं को पढ़ाई के दौरान आने वाली परेशानियों, करियर संबंधी चुनौतियों और राजनीतिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसरों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। महासभा युवाओं को प्रोत्साहित करने और उनकी समस्याओं के समाधान में सहयोग देने के लिए सदैव तत्पर रहेगी।

उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने, सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

27 अक्टूबर की गुर्जर स्वाभिमान रैली में सहभागिता की अपील

समारोह के दौरान आगामी 27 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली गुर्जर स्वाभिमान रैली का भी उल्लेख किया गया। हरिश्चंद्र भाटी ने छात्र-छात्राओं और युवाओं से *‘एक दिन समाज के नाम’* के संकल्प के साथ रैली में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता, जागरूकता और सकारात्मक बदलाव के लिए युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के हित से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाएं और शिक्षा, सामाजिक सद्भाव तथा जनजागरूकता के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का प्रयास करें।
दहेज और नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प

कार्यक्रम के समापन पर महासभा के पदाधिकारियों और उपस्थित छात्र-छात्राओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया। सभी ने दहेज प्रथा का विरोध करते हुए न दहेज लेने और न दहेज देने की प्रतिबद्धता जताई। इसके साथ ही नशे से दूर रहने और समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि दहेज प्रथा और नशे जैसी सामाजिक बुराइयां परिवारों और युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। इन कुरीतियों को समाप्त करने के लिए केवल चर्चा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यवहार और आचरण में बदलाव लाकर उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मुहिम को मजबूती मिल सकती है।

ये छात्र-छात्राएं रहे मौजूद

सम्मान समारोह में रिया छावड़ी, राधिका बैसला, रूही बैसला, ध्रुव भाटी, कार्तिक चौधरी, भरत बिधूड़ी, हर्षित बिधूड़ी, जतिन भड़ाना, लविश चौधरी, मानव अवाना, विश्वजीत खटाना और निक मंडार सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केपी सिंह कसाना, सविंदर भाटी, जयप्रकाश विकल, जगबीर दौला, सुंदर चौधरी, रेनू चौधरी, नीतू भड़ाना, उदित नारायण बैसला, गौतमबुद्ध नगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी, विपिन तंवर, अरुण भाटी सहित महासभा के अन्य प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

समारोह के माध्यम से छात्र-छात्राओं की उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ ही युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने, कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और समाज की एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया।।