गौतमबुद्धनगर: कनाडा वर्क वीजा के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, महिला समेत तीन गिरफ्तार!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा। थाना फेस-1 पुलिस ने विदेश भेजने और कनाडा का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे सात मोबाइल फोन, एक थार कार और पांच ग्राहकों के पासपोर्ट बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कनाडा में बैठे होने का झांसा देकर नोएडा की एजुकेशन कंसल्टेंसी कंपनियों से संपर्क करते थे और ग्राहकों को विदेश भेजने के नाम पर रकम वसूलते थे।
पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को थाना फेस-1 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-2 स्थित सी-7 से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल कुमार चौहान (31), संदीप सिंह (44) और पूजा महाजन (43) के रूप में हुई है।
कनाडा वर्क वीजा का झांसा देकर बनाया जाल
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि सेक्टर-2 स्थित एक एजुकेशन कंसल्टेंसी के माध्यम से आरोपियों ने विदेश भेजने के नाम पर संपर्क स्थापित किया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को कनाडा से जुड़ा बताकर कंसल्टेंसी से संपर्क किया और कनाडा वर्क वीजा दिलाने का प्रस्ताव दिया।
इसके बाद कंसल्टेंसी की ओर से पांच ग्राहकों के विवरण और पासपोर्ट उपलब्ध कराए गए। आरोप है कि प्रत्येक ग्राहक से पेपर वर्क, बायोमेट्रिक्स और मेडिकल कराने के नाम पर 25 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद ग्राहकों को जल्द Temporary Residence Visa बनवाकर विदेश भेजने का भरोसा दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, वीजा प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर प्रत्येक ग्राहक से 12.50 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम की मांग की गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों द्वारा फर्जी पहचान और वर्चुअल नंबर के जरिए लोगों से संपर्क करने की जानकारी मिली।
विदेशी महिला बनकर करती थी बातचीत
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि Kristen Jennifer नाम से बातचीत करने वाली महिला की वास्तविक पहचान पूजा महाजन है, जबकि अरमान नाम से संपर्क करने वाले व्यक्ति की पहचान संदीप सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि संदीप सिंह कथित तौर पर MY SECOND LINE APP के माध्यम से कनाडा का वर्चुअल फोन नंबर प्रदर्शित कर नोएडा की कंसल्टेंसी कंपनियों से संपर्क करता था। वह खुद को कनाडा में रहने वाला व्यक्ति बताकर वहीं से बातचीत करने का भरोसा दिलाता था। पुलिस ने उसके कब्जे से इस एप्लीकेशन का इस्तेमाल किए जाने वाला मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
सात मोबाइल, थार कार और पांच पासपोर्ट बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए सात मोबाइल फोन, थार कार संख्या DL4CBD6687 और पांच ग्राहकों के पासपोर्ट बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपने जाल में फंसाया और अब तक कितनी रकम की धोखाधड़ी की गई है।
मामले में थाना फेस-1 पुलिस ने मु0अ0सं0 526/26 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।।
