लखनऊ :
फ्रेंचाइजी के नाम पर कारोबारी से 27 लाख की ठगी,कंपनी पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 26.90 लाख रुपये लेने और बाद में शर्तों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के मामले में सरोजनी नगर थाने में टास्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस ने मुकदमे के दर्ज करने के बाद मामले की छानबीन शुरु कर दी।
विस्तार :
मूल रूप से अंबेडकर नगर निवासी
अजीत यादव के मुताबिक कंपनी के बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव अभिषेक वर्मा ने उनसे संपर्क कर कंपनी के आउटलेट की फ्रेंचाइजी देने का प्रस्ताव दिया था। आरोप है कि कंपनी की ओर से दिखाए गए दस्तावेजों और किए गए वादों पर भरोसा कर उन्होंने 26 मार्च 2024 को फ्रेंचाइजी समझौता किया। आवेदन के मुताबिक फ्रेंचाइजी के लिए अजीत ने अलग-अलग तारीखों में कंपनी के खाते में कुल 26.90 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए जमा किए। इसके बाद 17 जून 2024 को अकबरपुर में शोरूम स्थापित किया गया। आरोप है कि शोरूम शुरू होने के कुछ ही समय बाद दवाइयों और स्वास्थ्य उत्पादों की स्टॉक सप्लाई में कमी, डॉक्टर एवं डाइटिशियन की अनुपस्थिति तथा लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याएं सामने आने लगीं।
पीडित कारोबार अजीत का आरोप है कि उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें शोरूम बंद करने के लिए कहा गया। इसके बाद 25 जून 2025 को क्लोजर एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसमें शेष स्टॉक वापस लेने के बाद 14 लाख रुपये लौटाने की बात कही गई थी।
पीडित के अनुसार कंपनी ने अब तक करीब 6 लाख रुपये ही वापस किए, जबकि शेष रकम का भुगतान नहीं किया गया। रकम मांगने के लिए कंपनी के लखनऊ स्थित कार्यालय पहुंचने पर कथित तौर पर अभद्रता किए जाने और कार्यालय से बाहर निकालने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले में अजीत यादव ने पहले सरोजनी नगर थाने और बाद में पुलिस के उच्च अधिकारियों को पंजीकृत डाक से शिकायत भेजने का दावा किया। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय में बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत आवेदन दाखिल कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।
न्यायालय के समक्ष आवेदन में कंपनी के निदेशक विकास पाल, प्रबंध निदेशक प्रसून पाल, वीपी ऑपरेशंस उत्कर्ष कश्यप, बिजनेस डेवलपमेंट अधिकारी गौरव श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदक ने विभिन्न शहरों में कंपनी के खिलाफ शिकायतें और मुकदमे होने का भी दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच उपनिरीक्षक वीरभान सिंह को सौंपी गई है। अब जांच में फ्रेंचाइजी समझौते, बैंक लेनदेन, कंपनी द्वारा किए गए दावों, क्लोजर एग्रीमेंट और रकम वापसी से जुड़े दस्तावेजों की जांच के साथ लगाए गए अन्य आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।
