सोमवार, 28 सितंबर 2026

सुल्तानपुर :अंतरराष्ट्रीय सारस्वत सम्मान समारोह में राना और इन्दु का अलंकरण।।||Sultanpur:Rana and Indu were honored at the International Saraswat Awards ceremony.||

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सुल्तानपुर :
अंतरराष्ट्रीय सारस्वत सम्मान समारोह में राना और इन्दु का अलंकरण।।
दो टूक : सुलतानपुर। श्री सिंहराय अवधी साहित्य विकास संस्थान के चौथे वार्षिकोत्सव के अवसर पर रविवार को प्रताप ढाबा, हलियापुर के सभागार में अंतरराष्ट्रीय सारस्वत सम्मान एवं काव्योत्सव समारोह-2026 का भव्य आयोजन हुआ। समारोह में अवधी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों और कवियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इन्द्रेश भदौरिया ने की, जबकि मुख्य अतिथि शम्भू शरण सिंह तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. विंध्यमणि त्रिपाठी, रवीन्द्र प्रताप सिंह और डॉ. ओमप्रकाश सिंह मंचासीन रहे। काव्यमय संचालन वेद प्रकाश सिंह ‘प्रकाश’ ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-अर्चन से हुआ। देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कवियों ने अपनी अवधी रचनाओं से समां बांध दिया। हास्य-व्यंग्य, वीर और श्रृंगार रस की कविताओं पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। लोक भूषण एवं साहित्यमहोपाध्याय डॉ. आद्या प्रसाद सिंह ‘प्रदीप’ तथा आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह ‘जटायु’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
समारोह में राज बहादुर राना को ‘अवधी साहित्य सरोवर’ तथा बृजेश कुमार पाण्डेय ‘इन्दु’ सुलतानपुर को ‘अवधी साहित्य कलश’ सम्मान से अलंकृत किया गया। वहीं शिवनाथ सिंह ‘शिव’ रायबरेली को ‘अवधी मानस मर्मज्ञ’, शिव कुमार सिंह ‘शिव’ रायबरेली को ‘अवधी साहित्य सृजन दीप’ और अजय ओझा ‘चन्दन’ बाराबंकी को ‘अवधी साहित्य सुमन’ सम्मान प्रदान किया गया। सभी चयनित साहित्यकारों को अंगवस्त्र, पुष्पपत्रम् और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
नेपाल से पहुंचे राजेन्द्र वैश्य एवं श्रीमती सुशीला वैश्य को भी पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान शिवनाथ सिंह ‘शिव’ की पुस्तक ‘अवधी हमारि बानी’, गुरु प्रसाद त्रिपाठी ‘घनश्याम’ की पुस्तक ‘भावना’ तथा इक्कीस कवियों के काव्य संकलन ‘आपस-2’ का विमोचन किया गया।
संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह ‘अर्चक’ ने कहा कि संस्था अवधी भाषा और साहित्य को संरक्षित करने तथा देश-दुनिया में अवधी का परचम लहराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष ने समारोह के समापन की घोषणा की, जबकि संस्था अध्यक्ष ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, कवियों और श्रोताओं के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर पवन कुमार सिंह, शिव बहादुर सिंह ‘दिलवर’, डॉ. आजेन्द्र प्रताप सिंह, संत प्रसाद ‘जिज्ञासु’, सौरभ वर्मा ‘मुस्कान’, सत्य नाम ‘केवट प्रेमी’, रामदीन गौतम ‘तक्षक’ सहित सैकड़ों अवधी कवि एवं साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।