गुरुवार, 17 सितंबर 2026

सुल्तानपुर : भागवत कथा में कृष्ण जन्म प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु।||Sultanpur: Devotees were moved by the story of Krishna's birth in the Bhagavad Gita.||

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सुल्तानपुर : 
भागवत कथा में कृष्ण जन्म प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु।
दो टूक : सुलतानपुर:-सिविल लाइन गोलाघाट स्थित श्री मती आशा डॉ. विनोद कुमार सिंह के आवास पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस काशी से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य डॉ.प्रभाकर पाण्डेय जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का मनोहारी एवं भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आते ही पूरा कथा पंडाल नंद के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे।
महाराज जी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है,तब परमात्मा किसी न किसी रूप में अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं। श्रीकृष्ण का अवतार केवल कंस के अत्याचार के अंत के लिए नहीं, बल्कि मानव समाज को प्रेम, करुणा,धर्म और कर्म का संदेश देने के लिए हुआ।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।भक्तों ने पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ जन्मोत्सव मनाया।कथा में मुख्य रूप से प्राचार्य प्रो.अंग्रेज़ सिंह”राणा”,प्रो.अभय कुमार सिंह पूर्व प्राचार्य साकेत महाविद्यालय अयोध्या,प्रो.ओ.पी.यादव,प्रो.आशुतोष कुमार सिंह,प्रो.जे.एन.मिश्रा,ऋषि सिंह, प्रधानाचार्य विजय कुमार सिंह,प्रधानाचार्य महेश सिंह,प्रबन्धक बालचंद्र सिंह,कथावाचक सौरभ जी,कथावाचक बृजेश शास्त्री,दिनेशानंद जी”मृदुल”, सहित सैकड़ों की संख्या में महिला -पुरुष उपस्थित रहे।कथा में डॉ.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,अमन सिंह,नमन सिंह,यश,परम विक्रम सिंह,अजय प्रताप सिंह इत्यादि के द्वारा काफी सहयोग दिया जा रहा है ।कथा प्रतिदिन सायंकाल 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक आयोजित हो रही है। समापन आरती के साथ हुआ।