मऊ :
डीएम ने दी चेतावनी-गलत रिपोर्ट लगाने वाले लेखपाल-कानूनगो पर होगी कड़ी कार्रवाई।।
।।देवेन्द्र कुशवाहा ।।
दो टूक : मऊ जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कर-करेत्तर राजस्व वसूली एवं सीएम डैशबोर्ड से संबंधित राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक शुक्रवार को कैंप कार्यालय स्थित सभागार में हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली, प्रवर्तन कार्यों तथा सीएम डैशबोर्ड पर विभागवार प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन वाले विभागों को तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि आगामी समीक्षा में अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कर-करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा में अगस्त माह में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष व्यापार कर में 58.50 प्रतिशत, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन में 114.38 प्रतिशत, परिवहन कर में 97.83 प्रतिशत, आबकारी में 71.39 प्रतिशत, वन में 144.48 प्रतिशत, खनन में 66.50 प्रतिशत, विद्युत देय में 55.43 प्रतिशत, बैंक देय में 298.1092 प्रतिशत, चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य में 96 प्रतिशत तथा स्थानीय निकायों में 89.12 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति दर्ज की गई।
आबकारी विभाग की पिछले माह की तुलना में कम राजस्व प्राप्ति और सी ग्रेड मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए वसूली एवं प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। खनन विभाग की लगातार दो-तीन माह से गिरती राजस्व वसूली पर भी उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और खान निरीक्षक के विरुद्ध निदेशालय को पत्र भेजने के निर्देश दिए। नगर पालिका परिषद की 89.12 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति पर अधिशासी अधिकारी को प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने को कहा।
सीएम डैशबोर्ड पर खराब ग्रेड वाले विभागों को सुधार के निर्देश
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में आबकारी विभाग की लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति को डी ग्रेड, कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार की मंडी आवक को बी, पीएम स्वनिधि को सी, भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग के आईएमएसएस प्रवर्तन कार्य को बी तथा राजस्व विभाग के अंश संशोधन, आईसीसीएमएस डैशबोर्ड, कुर्रा बंटवारा, धारा-98, नामांतरण, पैमाइश और वसूली प्रमाण पत्र सहित कई कार्यों में बी अथवा सी ग्रेड पाया गया। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन की राजस्व प्राप्ति भी बी ग्रेड रही, जबकि जनसुनवाई/आईजीआरएस में सी ग्रेड मिला। अन्य कई योजनाओं में ए ग्रेड की प्रगति दर्ज की गई।
जिलाधिकारी ने ए ग्रेड से नीचे रहने वाले सभी विभागों के अधिकारियों को इसी माह हर हाल में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस की खराब स्थिति पर डीएम सख्त
जनसुनवाई/आईजीआरएस में जुलाई के बी ग्रेड के मुकाबले अगस्त में सी ग्रेड आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित, डिफाल्टर एवं असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अंतिम चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला होना चाहिए।
कई मामलों में लेखपाल और कानूनगो द्वारा गलत आख्या लगाए जाने की जानकारी सामने आने पर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
पीएम स्वनिधि और पीएम आवास के मामलों में तेजी के निर्देश
पीएम स्वनिधि योजना में बैंकों द्वारा पर्याप्त ऋण स्वीकृत नहीं किए जाने के कारण सी ग्रेड मिलने पर जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को बैंकों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर अधिकतम ऋण स्वीकृति सुनिश्चित कराने तथा इस माह ए ग्रेड हासिल करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
पीएम आवास (शहरी) में तहसील स्तर पर लंबित प्रकरणों की अधिक संख्या मिलने पर सभी उप जिलाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
अवैध अस्पतालों और कब्जों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने परिवहन, आबकारी एवं खनन समेत प्रवर्तन से जुड़े विभागों को विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। बिना पंजीकरण अथवा अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के विरुद्ध नियमित और निष्पक्ष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन कार्यों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर कार्रवाई की जाए, ताकि इसका लाभ आमजन तक पहुंचे और जिला प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हो।
नगर पालिका परिषद की भूमि पर अवैध निर्माण एवं कब्जे के मामलों में भी अधिशासी अधिकारी को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
एसटीपी के लिए भूमि चिन्हांकन के निर्देश
एसटीपी के लिए भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को शहरी क्षेत्र के लेखपालों से भूमि की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त कर भूमि का चिन्हांकन एवं उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दायर मुकदमों की माहवार समीक्षा कर लंबित मामलों में तत्काल नियमानुसार कार्रवाई एवं जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा, सभी उप जिलाधिकारी एवं अन्य संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
