गौतमबुद्धनगर: टूटते परिवारों को जोड़ने की पहल: पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने FDRC के नवीनीकृत कक्ष का किया शुभारंभ!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। पारिवारिक विवादों को संवाद, परामर्श और आपसी सहमति के माध्यम से सुलझाने की दिशा में गौतमबुद्धनगर पुलिस की पहल को और मजबूती मिली है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने थाना नॉलेज पार्क परिसर में स्थापित फैमिली डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन क्लीनिक (FDRC) के नवीनीकृत कक्ष का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबीता सिंह चौहान भी मौजूद रहीं। दोनों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर नवीनीकृत कक्ष का शुभारंभ किया।
उद्घाटन के दौरान उपस्थित अधिकारियों और अतिथियों ने एफडीआरसी की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इस दौरान पारिवारिक विवादों के सौहार्दपूर्ण और समयबद्ध समाधान में एफडीआरसी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। एफडीआरसी के माध्यम से विवादों को न्यायालयी प्रक्रिया तक पहुंचने से पहले ही बातचीत, परामर्श और आपसी सहमति के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाता है।
नवीनीकरण कक्ष के उद्घाटन के बाद पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने शारदा यूनिवर्सिटी में आयोजित एफडीआरसी के वार्षिक कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पारिवारिक विवादों का समाधान केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संवेदनशीलता, संवाद और उचित परामर्श की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समयबद्ध और संवाद आधारित समाधान सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने में प्रभावी माध्यम बन सकता है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि एफडीआरसी के माध्यम से अनेक परिवारों को न्यायालयी प्रक्रिया से पूर्व ही आपसी सहमति और परामर्श के जरिए राहत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पारिवारिक संबंधों को बेहतर बनाने और विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में मदद मिल रही है। उन्होंने इस दिशा में कार्य कर रहे सभी संबंधित संस्थानों, विशेषज्ञों और परामर्शदाताओं से आपसी समन्वय के साथ प्रयास जारी रखने का आह्वान किया।
महिला अधिकारों और सुरक्षा पर भी जोर
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबीता सिंह चौहान ने अपने संबोधन में महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण, परिवारों में संवाद एवं परामर्श की आवश्यकता तथा महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एफडीआरसी जैसे मंचों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्र परिवारों के बीच संवाद स्थापित करने के साथ-साथ सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने महिलाओं से जुड़े विवादों के समाधान में संवेदनशीलता और उचित परामर्श की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पुलिस अधिकारी, विधि विशेषज्ञ और विश्वविद्यालय के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में शारदा यूनिवर्सिटी के चांसलर पी.के. गुप्ता, प्रो-चांसलर वाई.के. गुप्ता, शारदा स्कूल ऑफ लॉ के डीन ऋषिकेश धवे, डीसीपी महिला सुरक्षा श्रीमती सुनीति सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, विधि विशेषज्ञ, अधिवक्तागण, परामर्शदाता, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान पारिवारिक विवादों के समाधान, महिला सुरक्षा, अधिकारों के संरक्षण और परामर्श आधारित व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। गौतमबुद्धनगर पुलिस की ओर से एफडीआरसी के माध्यम से परिवारों से जुड़े विवादों को संवाद और आपसी सहमति के आधार पर सुलझाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
