शनिवार, 19 सितंबर 2026

लखनऊ :प्लाट बेचने के नाम पर 19.50 लाख की ठगी का आरोप, चेक भी निकले बेकार,रकम मांगने पर धमकी देने का भी आरोप।।||Lucknow:Allegations of fraud of Rs 19.50 lakh in the name of selling a plot, cheques also turned out to be worthless, and allegations of threats on demanding the money.||

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लखनऊ :
प्लाट बेचने के नाम पर 19.50 लाख की ठगी का आरोप, चेक भी निकले बेकार,रकम मांगने पर धमकी देने का भी आरोप।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना सरोजनीनगर क्षेत्र में प्लाट बेचने के नाम पर लाखों रुपये लेने और निर्धारित समय बीतने के बाद न प्लाट का कब्जा देने और न रकम लौटाने का मामला सामने आया है। पीड़ित राजेश कुमार पाण्डेय ने अरविन्द सिंह व उसके सहयोगियों पर करीब 19.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। मामले में न्यायालय के आदेश के बाद सरोजनीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विस्तार:
लखनऊ फरीदीपुर निवासी राजेश कुमार पाण्डेय की तहरीर मुताबिक सरोजनीनगर क्षेत्र में व्यावसायिक/आवासीय प्लाट दिलाने के नाम पर अरविन्द सिंह ग्राम व पोस्ट अमावा लखनऊ एवं इनके सहयोगी ने विभिन्न तिथियों में कुल करीब 19.50 लाख रुपये लिए गए। इसमें करीब 5 लाख रुपये नकद और 14.50 लाख रुपये चेक के माध्यम से भुगतान किए जाने की बात कही गई है। इसके संबंध में एग्रीमेंट और बैंक स्टेटमेंट भी प्रस्तुत किए गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि तय समय गुजरने के बाद भी न तो प्लाट का वैध हस्तांतरण किया गया और न ही उसकी धनराशि वापस की गई। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को कथित रूप से समझौता हुआ, जिसमें दो माह के भीतर रकम लौटाने की बात कही गई और तीन चेक दिए गए।
इनमें 3 लाख, 2.50 लाख और 3 लाख रुपये के चेक शामिल थे। शिकायतकर्ता के अनुसार बैंक में प्रस्तुत करने पर तीनों चेक "Cheque Destroyed/Out of Order" जैसे कारणों से वापस हो गए।
कुछ रकम वापस, फिर भी 9.50 लाख बकाया का दावा।
शिकायतकर्ता ने बताया कि बाद में विपक्षी के सहयोगियों के माध्यम से उसके खाते में 6 लाख रुपये का चेक तथा 4 लाख रुपये नकद जमा कराया गया। उसके अनुसार इस भुगतान के बावजूद 9.50 लाख रुपये की रकम अभी बकाया है।
फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप।
पीड़ित का आरोप है कि बकाया रकम मांगने के लिए 6 मई 2026 को फोन करने पर आरोपी ने कथित रूप से गाली-गलौज की और रकम भूल जाने को कहा। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में उसने 7 मई और 3 जून 2026 को सरोजनीनगर थाने में प्रार्थना-पत्र देने का दावा किया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद उसने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की। शिकायतकर्ता ने 17 जून को थाना सरोजनीनगर की हैण्डल चौकी पर बुलाए जाने और वहां पुलिसकर्मियों द्वारा उसके साथ दबावपूर्ण व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया है। उसने संबंधित समय की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराए जाने की मांग की है।
न्यायालय की शरण में पहुंचा पीड़ित।
लगातार रकम वापस न मिलने और कथित धमकियों के बाद शिकायतकर्ता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश के बाद सरोजनीनगर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।