सोमवार, 28 सितंबर 2026

लखनऊ :पारा के दबंग पर पुलिस का शिकंजा, 6 माह के लिए लखनऊ से जिलाबदर।।Lucknow:Police tighten their grip on Para's strongman, banishing him from Lucknow for six months.||

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लखनऊ :
पारा के दबंग पर पुलिस का शिकंजा, 6 माह के लिए लखनऊ से जिलाबदर।
दो टूक : लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और लोक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पारा थाना क्षेत्र के एक मनबढ़ एवं दबंग व्यक्ति के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस आयुक्त न्यायालय ने उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा 3 के तहत सुनवाई के बाद आरोपी को 6 माह के लिए लखनऊ की सीमा से निष्कासित (जिलाबदर) करने का आदेश पारित किया है।
विस्तार :
 पुलिस के मुताबिक थाना पारा क्षेत्र निवासी धीरेन्द्र सिंह यादव पुत्र सुघर सिंह यादव, उम्र करीब 46 वर्ष, के विरुद्ध पुलिस द्वारा आपराधिक गतिविधियों के आधार पर गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले की सुनवाई पुलिस आयुक्त, लखनऊ के न्यायालय में हुई।
सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा, जबकि राज्य की ओर से संयुक्त निदेशक अभियोजन अवधेश कुमार सिंह ने विपक्षी पक्ष के तर्कों का विरोध करते हुए आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिलाबदर की कार्रवाई को उचित बताया।
पुलिस के अनुसार, न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों और पत्रावली में उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को गुण्डा घोषित करते हुए 6 माह के लिए लखनऊ की सीमा से निष्कासित करने का आदेश 28 सितंबर 2026 को खुले न्यायालय में पारित किया।
इन मुकदमों में दर्ज है आपराधिक इतिहास।
पुलिस के मुताबिक धीरेन्द्र सिंह यादव के विरुद्ध अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें—
मु0अ0सं0 45/2017, थाना हसनगंज — धारा 386, 343, 323, 504, 506, 365, 348, 193, 120बी भादवि।
मु0अ0सं0 84/2017, थाना ठाकुरगंज — धारा 147, 323, 504, 506, 343, 195, 218, 120बी, 364ए, 329 भादवि।
मु0अ0सं0 85/2017, थाना ठाकुरगंज — धारा 147, 323, 386, 343, 195, 218, 120बी, 506, 364ए, 329 भादवि एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 9/10।
मु0अ0सं0 12/2024, थाना हसनगंज — धारा 406 भादवि।
मु0अ0सं0 170/2023, थाना हसनगंज — धारा 147, 323, 342, 386, 364ए, 395, 201 भादवि।
पुलिस कमिश्नरेट के मुताबिक जिलाबदर की यह कार्रवाई क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं लोक शांति बनाए रखने तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से की गई है।