गौतमबुद्धनगर पुलिस का इनामी अपराधियों पर शिकंजा, साढ़े तीन साल में 353 गिरफ्तार!!
दो टूक//नोएडा। गौतमबुद्धनगर में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्नरेट पुलिस ने पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान वांछित और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां की हैं। पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से 14 सितंबर 2026 तक कुल 353 इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, विभिन्न संगीन एवं अन्य आपराधिक मामलों में वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारियों की ओर से इन पर अलग-अलग धनराशि का इनाम घोषित किया गया था। इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों ने लगातार सूचना तंत्र को सक्रिय रखते हुए तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के साथ-साथ सघन चेकिंग और अन्य पुलिस कार्रवाई की।
25 हजार के इनाम वाले सबसे अधिक 169 अपराधी गिरफ्तार
गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 25 हजार रुपये के इनाम वाले 169 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जो कुल गिरफ्तारियों में सबसे अधिक हैं। इसके अलावा 10 हजार रुपये के इनाम वाले 80, 15 हजार रुपये के इनाम वाले 54 और 20 हजार रुपये के इनाम वाले 20 अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 50 हजार रुपये के इनाम वाले 5 तथा एक लाख रुपये के इनाम वाले 2 अभियुक्तों की भी गिरफ्तारी की गई। वहीं 5 हजार रुपये के इनाम वाले 21 और 2,500 रुपये के इनाम वाले 2 अभियुक्त भी पुलिस के हत्थे चढ़े।
इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी का पूरा आंकड़ा
- 1 लाख रुपये इनाम: 2 अभियुक्त
- 50 हजार रुपये इनाम: 5 अभियुक्त
- 25 हजार रुपये इनाम: 169 अभियुक्त
- 20 हजार रुपये इनाम: 20 अभियुक्त
- 15 हजार रुपये इनाम: 54 अभियुक्त
- 10 हजार रुपये इनाम: 80 अभियुक्त
- 5 हजार रुपये इनाम: 21 अभियुक्त
- 2,500 रुपये इनाम: 2 अभियुक्त
पुलिस के मुताबिक, इनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी से विभिन्न लंबित मुकदमों के निस्तारण में मदद मिली है। साथ ही वांछित अपराधियों की धरपकड़ से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण की कार्रवाई को आगे बढ़ाने में भी पुलिस को सफलता मिली है।
गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि वांछित एवं इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस टीमों द्वारा सूचना संकलन, तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और जमीनी स्तर पर कार्रवाई के माध्यम से ऐसे अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।।
