गौतमबुद्धनगर: यूपीआईटीएस-2026 में रूस-भारत ने तलाशे व्यापार के नए रास्ते, वियतनाम ने कारोबार के साथ संस्कृति-पर्यटन से जोड़ा मंच!!
औद्योगिक तकनीक, गैस, मेडिकल उपकरण और व्यावसायिक सेवाओं में सहयोग पर जोर, वियतनाम पवेलियन में पर्यटन, खानपान और सांस्कृतिक विविधता बनी आकर्षण का केंद्र
दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 25 सितंबर। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय कारोबारी गतिविधियों का व्यापक मंच देखने को मिला। रूस और भारत के बीच व्यापार, निवेश एवं आर्थिक सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से विशेष रूस-भारत बिजनेस डायलॉग आयोजित किया गया। वहीं वियतनाम ने अपने पवेलियन और विशेष कार्यक्रमों के जरिए व्यापार, तकनीक, पर्यटन, खानपान और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। दोनों देशों की सक्रिय भागीदारी ने यूपीआईटीएस के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को और मजबूत किया।
रूस-भारत संवाद में व्यापार और निवेश की संभावनाओं पर मंथन
यूपीआईटीएस-2026 में ‘रूस-भारत : व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर’ विषय पर विशेष बिजनेस डायलॉग आयोजित हुआ। इसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, निवेश के नए अवसर तलाशने तथा औद्योगिक और तकनीकी सहयोग के विस्तार पर चर्चा की गई।
रूस की ओर से भारत स्थित रूसी व्यापार प्रतिनिधित्व के ट्रेड कमिश्नर आंद्रेई सोबोलेव और डिप्टी ट्रेड कमिश्नर डॉ. येवगेनी ग्रिवा समेत वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। संवाद में दोनों देशों के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाने और कारोबार के नए क्षेत्रों की पहचान पर विशेष जोर दिया गया।
रूसी प्रतिनिधिमंडल ने यूपीआईटीएस को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक एवं कारोबारी इकोसिस्टम को समझने और प्रदेश के उद्यमियों के साथ संभावित व्यापारिक साझेदारी तलाशने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा। इस दौरान औद्योगिक तकनीक, गैस एवं संबंधित क्षेत्र, प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा व्यावसायिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
औद्योगिक और चिकित्सा तकनीक में सहयोग के नए अवसर
रूस के पवेलियन में औद्योगिक एवं तकनीकी क्षमताओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। इसमें औद्योगिक तकनीक एवं गैस, प्रयोगशाला और डायग्नोस्टिक समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा बिजनेस सर्विसेज से जुड़े उत्पाद और समाधान शामिल रहे।
यूपीआईटीएस में इन क्षेत्रों की मौजूदगी से उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य, विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और प्रतिनिधियों से संपर्क का अवसर मिला। रूस-भारत संवाद में तकनीक, उत्पाद और सेवाओं के आदान-प्रदान के साथ भविष्य में संयुक्त कारोबारी अवसर विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
वियतनाम पवेलियन में कारोबार के साथ दिखी संस्कृति और पर्यटन की झलक
यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम की भागीदारी भी पहले दिन खास आकर्षण का केंद्र रही। वियतनाम ने अपने पवेलियन को महज उत्पाद प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति और खानपान के व्यापक अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया।
वियतनाम के पवेलियन में विमानन, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान, इलेक्ट्रिक वाहन और पुनर्चक्रित फाइबर सहित विभिन्न क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया। इससे भारतीय और विदेशी खरीदारों को वियतनाम के कारोबारी एवं औद्योगिक क्षेत्रों की विविधता को करीब से समझने का अवसर मिला।
‘इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ पर हुआ विशेष कार्यक्रम
वियतनाम की ओर से ‘वियतनाम : इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें तकनीकी नवाचार और पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को व्यापारिक अवसरों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में भारत और वियतनाम के बीच पर्यटन, विमानन, स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण और अन्य कारोबारी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ। वियतनाम के राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह के साथ विभिन्न वियतनामी कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें वियतनाम एयरलाइंस, वियतजेट और विंग्रुप सहित कई प्रमुख कारोबारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।
फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई रौनक
वियतनाम की भागीदारी में फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण रहे। वियतनामी व्यंजनों के जरिए वहां की समृद्ध खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया गया, जबकि सांस्कृतिक दल की प्रस्तुतियों ने भारत और वियतनाम के बीच सांस्कृतिक संवाद को भी मंच प्रदान किया।
इस पहल ने व्यापारिक प्रदर्शनी को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ने का काम किया। यूपीआईटीएस में पहुंचे आगंतुकों को वियतनाम के उत्पादों और कारोबारी क्षमताओं के साथ उसकी खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को भी करीब से जानने का अवसर मिला।
अंतरराष्ट्रीय कारोबार और साझेदारी का बड़ा मंच बन रहा यूपीआईटीएस
रूस और वियतनाम की सक्रिय भागीदारी ने यूपीआईटीएस-2026 को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी से आगे बढ़ाकर व्यापार, निवेश, तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक संवाद के अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में पेश किया।
एक ओर रूस के साथ औद्योगिक और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर वियतनाम ने व्यापार को पर्यटन और संस्कृति से जोड़कर अपनी आर्थिक एवं कारोबारी विविधता प्रदर्शित की।
यूपीआईटीएस में साझेदार देशों के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रमों का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के बीच सीधे कारोबारी संपर्क को बढ़ाना है। बी2बी बैठकें, बिजनेस डायलॉग, देश विशेष सत्र और राउंडटेबल चर्चाएं अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को व्यावहारिक कारोबारी अवसरों से जोड़ने का माध्यम बन रही हैं। इससे प्रदेश के एमएसएमई, निर्यातकों, स्टार्टअप, युवा उद्यमियों और बड़े उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नए साझेदार तलाशने तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं को विस्तार देने का मंच मिल रहा है।।
