शुक्रवार, 25 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर शिकंजा, जब्ती से पहले स्वेच्छा से स्क्रैप कराने की अपील!!

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गौतमबुद्धनगर: एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर शिकंजा, जब्ती से पहले स्वेच्छा से स्क्रैप कराने की अपील!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 25 सितंबर 2026। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले जीवन-काल पूरा कर चुके पुराने वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। गौतमबुद्धनगर परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों को चेतावनी दी है कि 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन एनसीआर में चलाने के साथ-साथ सार्वजनिक या साझा पार्किंग में खड़े पाए जाने पर भी जब्त किए जा सकते हैं। विभाग ने वाहन स्वामियों से समय रहते अधिकृत आरवीएसएफ केंद्र पर अपने वाहनों को स्वेच्छा से स्क्रैप कराने की अपील की है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) नन्द कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में जीवन-काल पूरा कर चुके प्रदूषणकारी वाहनों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि एनसीआर में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल तथा 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं। सुप्रीम कोर्ट के 17 दिसंबर 2025 के आदेश के अनुसार आयु-आधारित संरक्षण केवल बीएस-IV और उससे उच्च उत्सर्जन मानक वाले वाहनों पर लागू रहेगा। वहीं बीएस-III अथवा उससे पुराने उत्सर्जन मानक वाले वाहन, निर्धारित आयु सीमा पूरी करने के बाद प्रवर्तन कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

सड़क पर ही नहीं, पार्किंग में खड़ा वाहन भी हो सकता है जब्त

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल सड़क पर दौड़ रहे पुराने वाहनों तक सीमित नहीं रहेगी। यदि जीवन-काल पूरा कर चुका वाहन सार्वजनिक स्थल अथवा साझा पार्किंग में खड़ा पाया जाता है, तो संबंधित प्रवर्तन एजेंसी उसे भी जब्त कर सकती है।

वहीं यदि कोई वाहन एनसीआर में पंजीकृत नहीं है, लेकिन डीजल में 10 वर्ष से अधिक अथवा पेट्रोल/सीएनजी में 15 वर्ष से अधिक पुराना है और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध ₹5,000 का चालान/दंड लगाया जा सकता है।

गौतमबुद्धनगर में इन वाहन श्रृंखलाओं पर हुई विपंजीकरण की कार्रवाई

परिवहन विभाग के अनुसार गौतमबुद्धनगर में निर्धारित मापदंडों के तहत पुराने वाहनों की कई श्रृंखलाओं के विरुद्ध विपंजीकरण की कार्रवाई की गई है।

10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों की श्रृंखलाएं:
UP16, UP16A, UP16B, UP16C, UP16D, UP16E, UP16F, UP16G, UP16H, UP16J, UP16K, UP16L, UP16M, UP16N, UP16P, UP16Q, UP16R, UP16S, UP16T, UP16U, UP16V, UP16W, UP16X, UP16Y, UP16Z, UP16AA से UP16AF, UP16AH, UP16AJ, UP16AK, UP16AL, UP16AM, UP16AN, UP16AP, UP16AQ, UP16AR, UP16AS, UP16AT, UP16AU, UP16AV, UP16AW, UP16AX, UP16AY, UP16AZ तथा UP16BA, UP16BB, UP16BC, UP16BD, UP16BE, UP16BF, UP16BH, UP16AT, UP16BT, UP16CT और UP16DT।

15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों की श्रृंखलाएं:
UP16, UP16A, UP16B, UP16C, UP16D, UP16E, UP16F, UP16H, UP16J, UP16K, UP16L, UP16M, UP16N, UP16P, UP16Q, UP16R, UP16S, UP16T, UP16U, UP16V, UP16W, UP16X, UP16Y, UP16Z, UP16AA, UP16AB, UP16AC, UP16AD, UP16AE, UP16AF और UP16AT।

स्वेच्छा से स्क्रैप कराने पर बाजार दर और प्रोत्साहन का लाभ

विभाग ने वाहन स्वामियों को सलाह दी है कि वे कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय वाहन पोर्टल पर उपलब्ध अधिकृत Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSV) केंद्र पर स्वयं वाहन स्क्रैप कराएं। स्वेच्छा से स्क्रैप कराने पर वाहन स्वामी को प्रचलित बाजार दर के अनुसार स्क्रैप मूल्य मिलेगा और अधिकृत स्क्रैपर द्वारा Certificate of Deposit (COD) जारी किया जाएगा।

सीओडी के आधार पर नए वाहन की खरीद पर पंजीकरण शुल्क में छूट के साथ निजी वाहनों पर मोटर वाहन कर में 15 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है। नए वाणिज्यिक वाहनों के मामले में आठ वर्षों तक मोटर वाहन कर में 10 प्रतिशत की छूट अनुमन्य है।

जब्ती के बाद स्क्रैप कराने पर नहीं मिलेगा प्रोत्साहन

परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों को यह भी स्पष्ट किया है कि यदि वाहन प्रवर्तन अभियान में जब्त होने के बाद आरवीएसएफ को सौंपा जाता है, तो उस स्थिति में सीओडी पर निर्धारित प्रोत्साहन उपलब्ध नहीं होगा। ऐसा सीओडी इलेक्ट्रॉनिक रूप से व्यापार योग्य भी नहीं होगा।

जब्त वाहन के मामले में वाहन स्वामी को निर्धारित न्यूनतम आरक्षित मूल्य के आधार पर राशि प्राप्त होगी। इसके अलावा वाहन को टो करने और पार्किंग में रखने पर आने वाला शुल्क भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त राशि में से काटा जा सकता है। ऐसी स्थिति में नए वाहन के पंजीकरण शुल्क और मोटर वाहन कर में मिलने वाले संबंधित लाभ भी उपलब्ध नहीं होंगे।

परिवहन विभाग ने की समय रहते कार्रवाई की अपील

एआरटीओ प्रशासन नन्द कुमार ने जिले के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने पुराने वाहनों की स्थिति समय रहते जांच लें और वाहन पोर्टल पर उपलब्ध अधिकृत आरवीएसएफ केंद्रों के माध्यम से स्वेच्छा से वाहन स्क्रैप कराएं। विभाग ने कहा है कि समय रहते स्क्रैप कराने से वाहन स्वामी बाजार मूल्य और निर्धारित प्रोत्साहनों का लाभ ले सकते हैं, जबकि प्रवर्तन कार्रवाई में वाहन जब्त होने की स्थिति में ये लाभ उपलब्ध नहीं होंगे।

परिवहन विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई एनजीटी, सुप्रीम कोर्ट और सीएक्यूएम के निर्देशों के अनुपालन के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से की जा रही है।