शनिवार, 8 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: जिला अस्पताल में फिर भरभराकर गिरी सीलिंग, बाल-बाल बची जिंदगी; OT गैलरी में हादसे से मचा हड़कंप!!

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गौतमबुद्धनगर: जिला अस्पताल में फिर भरभराकर गिरी सीलिंग, बाल-बाल बची जिंदगी; OT गैलरी में हादसे से मचा हड़कंप!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

तीसरी मंजिल पर गायनी विभाग की OT गैलरी में अचानक गिरा सीलिंग का हिस्सा, हादसे के वक्त मौके पर कोई मौजूद नहीं था; पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं

दो टूक//नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में एक बार फिर सीलिंग फॉल की घटना सामने आने से अस्पताल की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर गायनी विभाग के ऑपरेशन थिएटर (OT) के पास बनी गैलरी में अचानक सीलिंग का हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त मौके पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

बताया जा रहा है कि गायनी विभाग की OT गैलरी में अचानक सीलिंग का हिस्सा नीचे आ गिरा। सीलिंग गिरने की घटना से आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, हादसे के समय गैलरी में किसी व्यक्ति के मौजूद नहीं होने के कारण फिलहाल किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।

पहले भी कई हिस्सों में गिर चुका है सीलिंग फॉल

जिला अस्पताल में सीलिंग गिरने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में सीलिंग फॉल की घटनाएं सामने आती रही हैं। लगातार इस तरह की घटनाएं होने के बावजूद अस्पताल की सीलिंग और भवन के अन्य हिस्सों की सुरक्षा को लेकर स्थायी स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहते हैं। ऐसे में ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील विभाग के आसपास सीलिंग का अचानक गिरना बेहद गंभीर मामला है। यदि घटना के समय गैलरी में मरीज, तीमारदार या अस्पताल का कोई कर्मचारी मौजूद होता तो गंभीर चोट लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

बार-बार की घटनाओं के बाद भी नहीं चेता अस्पताल प्रशासन?

बार-बार सीलिंग फॉल की घटनाएं सामने आने के बाद अस्पताल की मेंटेनेंस व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति क्यों हो रही है और भवन के कमजोर हिस्सों की समय रहते मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही है, यह बड़ा सवाल है।

अस्पताल प्रशासन और संबंधित जिम्मेदार विभाग को अब पूरे भवन की सीलिंग, छत और अन्य निर्माण संबंधी हिस्सों का निरीक्षण कराकर कमजोर स्थानों को चिन्हित करने और तत्काल मरम्मत कराने की जरूरत है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए नियमित सुरक्षा जांच और मेंटेनेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

बड़े हादसे का इंतजार या अब होगी कार्रवाई?

जिला अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा में बार-बार सीलिंग गिरने की घटनाएं मरीजों और उनके तीमारदारों की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय हैं। सवाल यह भी है कि यदि समय रहते इन खामियों को दूर नहीं किया गया तो किसी दिन सीलिंग गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है।

फिलहाल इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा, रखरखाव और मेंटेनेंस व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि अस्पताल प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे भवन की सुरक्षा जांच और आवश्यक मरम्मत को लेकर क्या कदम उठाता है।।