रविवार, 9 अगस्त 2026

मऊ :मधुबन में ‘भरत भैया’ की एंट्री से गरमाई सियासत, भाजपा-सपा के समीकरण पर पड़ेगा असर!।।||Mau:The entry of 'Bharat Bhaiya' in Madhuban has heated up politics, potentially impacting the BJP-SP equation.||

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मऊ :
मधुबन में ‘भरत भैया’ की एंट्री से गरमाई सियासत, भाजपा-सपा के समीकरण पर पड़ेगा असर!।।
बसपा ने भरत भैया को मधुबन विधानसभा-353 का प्रभारी/प्रत्याशी घोषित किया, महा सम्मेलन में उमड़ी भारी भीड़।।
।।देवेन्द्र कुशवाहा ।।
दो टूक  : मऊ के मधुबन के पाती खेल मैदान में रविवार को बहुजन समाज पार्टी के तत्वावधान में आयोजित महा सम्मेलन ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर क्षेत्र की सियासी तस्वीर में नई हलचल पैदा कर दी। भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए  भरत भैया को पार्टी ने मधुबन विधानसभा क्षेत्र-353 का प्रभारी/प्रत्याशी घोषित कर दिया। घोषणा के साथ ही समर्थकों में उत्साह देखने को मिला और कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों की मौजूदगी रही।
बसपा के इस फैसले को मधुबन की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। अब तक 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और सपा के बीच मुख्य मुकाबले की चर्चाओं के बीच भरत भैया की बसपा में सक्रिय एंट्री ने चुनावी समीकरणों को नए सिरे से चर्चा में ला दिया है।
राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि भरत  भैया की उम्मीदवारी से भाजपा के संभावित वोट बैंक पर कितना प्रभाव पड़ता है और इसका सीधा असर भाजपा-सपा के बीच बनने वाले चुनावी समीकरणों पर कितना पड़ता है। भाजपा में कई संभावित दावेदारों के नाम चर्चा में हैं, वहीं सपा की ओर से अभी प्रत्याशी की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। ऐसे में बसपा के पहले ही अपना चेहरा घोषित कर देने से मधुबन की चुनावी राजनीति में दिलचस्पी और बढ़ गई है।
हालांकि, विधानसभा चुनाव अभी दूर है और राजनीतिक परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं। ऐसे में किसी भी दल के लिए अभी से चुनावी नतीजों का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना जरूर है कि भरत भैया के बसपा प्रत्याशी बनने के बाद मधुबन में त्रिकोणीय मुकाबले और वोटों के संभावित बिखराव को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर भरत सिंह को मधुबन विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिम्मेदारी मिलने के बाद भरत सिंह ने मायावती के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह पार्टी की नीतियों और कार्यकर्ताओं के विश्वास के साथ क्षेत्र में पूरी मजबूती से काम करेंगे।
महा सम्मेलन के मुख्य अतिथि दिनेश चंद्रा, मुख्य मंडल प्रभारी आजमगढ़ एवं पूर्व एमएलसी रहे। विशिष्ट अतिथियों में हरिश्चंद्र गौतम, प्रोफेसर इंदु चौधरी, इंदल राम, योगेश राय उर्फ गब्बू राय, जिला पंचायत सदस्य जितेन्द्र गोयल ,सुरेंद्र राजभर, जयभीम कुमार, सुरेंद्र चौधरी, शैलेंद्र कुमार सिंटू तथा बसपा जिलाध्यक्ष मऊ संजीत यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के बाद भरत सिंह ने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं नागरिकों का हृदय से आभार जताया।
भरत भैया की बसपा में एंट्री और प्रत्याशी के रूप में घोषणा के बाद अब निगाहें भाजपा और सपा के अगले कदम पर टिक गई हैं। मधुबन की सियासत में यह नया समीकरण 2027 के चुनावी रण में कितना असर डालेगा, इसका जवाब आने वाले दिनों में राजनीतिक तस्वीर साफ होने के साथ सामने आएगा।