रविवार, 9 अगस्त 2026

मऊ :श्रद्धांजलि के मंच पर सियासी हलचल, सीता राय के मंच छोड़ने से गरमाई मऊ की राजनीति||Mau:Political turmoil erupted at the tribute ceremony; Sita Rai's departure from the stage heated up Mau politics.||

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मऊ :
श्रद्धांजलि के मंच पर सियासी हलचल, सीता राय के मंच छोड़ने से गरमाई मऊ की राजनीति।।
कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि कार्यक्रम में सिद्धार्थ राय को लेकर मंत्री ए.के. शर्मा की टिप्पणी बनी चर्चा का केंद्र, सीता राय ने जताई नाराजगी।
।।देवेन्द्र कुशवाहा,
दो टूक  : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मऊ के विकास पुरुष स्वर्गीय कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि पर सरायसादी में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम उस समय राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया, जब कार्यक्रम के दौरान कल्पनाथ राय की पुत्रवधू डॉ. सीता राय मंच छोड़कर चली गईं। मंच पर मंत्री ए.के. शर्मा, कल्पनाथ राय के पुत्र सिद्धार्थ राय सहित कई प्रमुख लोग मौजूद थे।
कार्यक्रम में कल्पनाथ राय के व्यक्तित्व, उनके विकास कार्यों और मऊ के लिए देखे गए सपनों को याद किया गया। इसी दौरान सिद्धार्थ राय मंच पर मंत्री ए.के. शर्मा के समीप पहुंचे। मंत्री द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किए जाने और उनकी राजनीतिक भूमिका व भविष्य को लेकर टिप्पणी किए जाने के बाद मंच का माहौल अचानक बदल गया।
मंच पर बैठीं डॉ. सीता राय ने मंत्री को प्रणाम किया और वहां से उठकर चली गईं। बाद में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। भावुक स्वर में उन्होंने कहा कि जहां सम्मान नहीं है, वहां रहने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार को राजनीतिक रूप से विभाजित करने की कोशिश की गई है और कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
डॉ. सीता राय ने कहा कि सिद्धार्थ राय को बुलाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि स्वर्गीय कल्पनाथ राय की विरासत को आगे बढ़ाने में सिद्धार्थ राय की भूमिका क्या रही है। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वह करीब 27 वर्षों से पार्टी से जुड़ी हैं और उन्होंने कभी टिकट की मांग नहीं की, बल्कि संगठन के लिए काम किया।
विरासत को लेकर उठे सवाल
पुण्यतिथि समारोह में सामने आए इस घटनाक्रम ने मऊ की सियासत में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या कल्पनाथ राय की राजनीतिक विरासत को लेकर परिवार के भीतर मतभेद हैं? क्या मंच पर सिद्धार्थ राय की मौजूदगी और मंत्री ए.के. शर्मा की टिप्पणी महज शिष्टाचार थी या इसके पीछे भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं के संकेत भी छिपे हैं?
फिलहाल इन सवालों का कोई स्पष्ट राजनीतिक जवाब सामने नहीं आया है, लेकिन इतना जरूर है कि कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा अब मऊ की स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है।
कार्यक्रम में श्रद्धांजलि, विकास और विरासत के मुद्दों के बीच डॉ. सीता राय का मंच छोड़ना पूरे घटनाक्रम का सबसे चर्चित पहलू रहा। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक तस्वीर किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।