मऊ :
निर्माणाधीन म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्लांट का डीएम ने किया निरीक्षण,जल्द संचालन शुरू करने के दिए निर्देश।
दो टूक : मऊ जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को आधुनिक और वैज्ञानिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत नगर पालिका परिषद रैनी क्षेत्र में निर्माणाधीन म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्लांट का जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने मंगलवार को निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति का जायजा लेते हुए कार्यदायी संस्था को शेष सभी कार्य शीघ्र पूर्ण कर प्लांट का संचालन जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, मशीनरी स्थापना तथा अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा गुणवत्ता से समझौता किए बिना सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। साथ ही परिसर की नियमित साफ-सफाई बनाए रखने पर भी जोर दिया।
अधिशासी अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित 130 टन प्रतिदिन (टीपीडी) क्षमता वाला यह अत्याधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र प्रतिदिन 130 टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगा। इसमें लगभग 65 टीपीडी गीले कचरे का प्रसंस्करण एरोबिक विंड्रो कम्पोस्टिंग अथवा बायो-मीथेनेशन तकनीक से किया जाएगा, जबकि 45.5 टीपीडी सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु आदि का निस्तारण मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) के माध्यम से होगा। वहीं 19.5 टीपीडी निष्क्रिय अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से सेनेटरी लैंडफिल में निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य सी एंड डीएस (C&DS) द्वारा कराया जा रहा है तथा संयंत्र के संचालन, अनुरक्षण और मशीनरी स्थापना के लिए एजेंसी चयन की तकनीकी निविदा परीक्षण प्रक्रिया जारी है।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद तथा कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करते हुए संयंत्र को शीघ्र संचालित किया जाए, ताकि जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था जल्द से जल्द आमजन को उपलब्ध हो सके।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी मणि भूषण मिश्रा, सी एंड डीएस के सहायक अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
