लखनऊ :
सवारी भरने से रोकने पर भड़का चालक,सिपाही औरTSI से की मारपीट।।
●उतरेठिया चौराहे पर चल रहे अवैध स्टैंड पर पुलिस कार्रवाई के दौरान हुआ विवाद।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना पीजीआई क्षेत्र उतरेठिया स्थित शहीद पथ के नीचे शनिवार सुबह अवैध रूप से निजी कार में सवारी भरने से रोकने पर चालक ने यातायात पुलिसकर्मियों से हाथापाई कर दी। आरोप है कि पहले चालक ने ड्यूटी पर तैनात सिपाही के साथ अभद्रता और मारपीट की, फिर बीच-बचाव करने पहुंचे टीएसआई से भी उलझ गया। घटना के बाद यातायात पुलिस ने आरोपी चालक को पकड़कर उसकी बलेनो कार सीज कर दी और उसे पीजीआई पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
विस्तार :
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 11 बजे रायबरेली निवासी इमरान उतरेठिया चौराहे पर शहीद पथ के नीचे अपनी निजी बलेनो कार में सवारियां बैठा रहा था। वहीं ड्यूटी पर मौजूद यातायात पुलिस के सिपाही अजय पटेल ने उसे निजी वाहन में व्यावसायिक रूप से सवारी बैठाने से रोका। इसी बात से नाराज चालक ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते विवाद हाथापाई में बदल गया।
शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे टीएसआई विकास कुमार ने बीच-बचाव का प्रयास किया । लेकिन आरोपी ने उनके साथ भी अभद्रता करते हुए धक्का-मुक्की और हाथापाई पर उतारू हो गया। इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों ने चालक को काबू में लिया उसकी कार सीज की और आगे की कार्रवाई के लिए पीजीआई पुलिस को सौंप दिया।
उतरठिया में लंबे समय से चल रहा है अवैध स्टैंड।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उतरेठिया चौराहे के पास शहीद पथ के नीचे लंबे समय से निजी कारों और अन्य वाहनों से अवैध रूप से सवारी भरने का काम चल रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े होने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायतें होने के बावजूद इस अवैध स्टैंड पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नियम तोड़ने वालों के हौसले बढ़े हुए हैं।
●स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल।
क्षेत्रीय व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इस स्थान पर नियमित और सख्त कार्रवाई की जाए तो अवैध रूप से सवारी ढोने पर रोक लग सकती है। उनका आरोप है कि कई बार ऐसे वाहन खुलेआम सवारियां भरते रहते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
टीएसआई विकास कुमार ने बताया कि चालक को निजी कार में सवारी बैठाने से रोका गया था। पूछताछ के दौरान उसने अभद्रता करते हुए हाथापाई शुरू कर दी जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर वाहन सीज कर दिया गया।
पीजीआई इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
