गौतमबुद्धनगर: बारिश में डूबा बरौला, हरकत में आया प्राधिकरण: CEO कृष्णा करुणेश का बड़ा एक्शन, JE बर्खास्त, अधिकारियों पर गिरी गाज!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर। ग्राम बरौला में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या और मंगलवार को हुई बारिश के बाद हालात बेहद गंभीर होने पर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जल निकासी व्यवस्था में लापरवाही और विकास कार्यों में शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की समीक्षा के बाद उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, ग्राम बरौला में लगातार जलभराव की शिकायतें मिल रही थीं। मंगलवार को हुई बारिश के बाद कई सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात की समीक्षा के बाद यह पाया गया कि जल निकासी व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों द्वारा अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई और विकास कार्यों में लापरवाही बरती गई।
इसी के चलते मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर जूनियर इंजीनियर (JE) पार्थ राठौड़ तथा सुपरवाइजर मांगेराम की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। वहीं जलभराव की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण न रख पाने के कारण प्रबंधक करण सिंह त्यागी (सिविल) और प्रबंधक रमेन्द्र (जल/सीवर) को प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दी गई है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्राधिकरण के सभी वर्क सर्किल के अधिकारियों और कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि जलभराव, सीवर, जल निकासी और अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी भी वर्क सर्किल के क्षेत्र में जलभराव या अन्य बुनियादी समस्याएं सामने आती हैं और उनके समाधान में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ इससे भी अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण प्रशासन ने दोहराया कि उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता शहरवासियों को जलभराव जैसी समस्याओं से राहत दिलाना, बेहतर जल निकासी व्यवस्था विकसित करना और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। बरौला में हुई यह कार्रवाई सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
