मऊ :
कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर शिक्षा का अनूठा संकल्प, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के चेहरों पर बिखरी मुस्कान।।
डॉ. सुधा राय व वैष्णवी राय ने अध्ययन सामग्री वितरित कर बढ़ाया आत्मविश्वास, शिक्षा और संवेदनशील समाज का दिया संदेश।
।।देवेन्द्र कुमार।।
दो टूक : मऊ जनपद के पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर जनपद में सेवा,संवेदना और शिक्षा को समर्पित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विद्यालय में पहुंचकर डॉ. सुधा राय एवं वैष्णवी राय ने बच्चों के बीच अध्ययन सामग्री वितरित की और उन्हें शिक्षा के प्रति निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण भावुक और उत्साहपूर्ण दिखाई दिया। डॉ. सुधा राय एवं वैष्णवी राय ने बच्चों को गुलाब भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया तथा कॉपी, पेन, पेंसिल, रंग, ड्राइंग सामग्री सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की। अध्ययन सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
इस अवसर पर डॉ. सुधा राय ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों में भी असीम प्रतिभा होती है, जिसे उचित अवसर और सहयोग देकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से ऐसे बच्चों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन के लिए आगे आने का आह्वान किया।
वैष्णवी राय ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब हर बच्चे को समान अवसर मिले। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी कला और आत्मविश्वास ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय परिवार ने डॉ. सुधा राय एवं वैष्णवी राय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक प्रयास केवल शैक्षणिक सहयोग तक सीमित नहीं रहते, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और आगे बढ़ने का साहस भी पैदा करते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कल्पनाथ राय के शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में दिए गए योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को सेवा, समर्पण और जनहित के कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं।
पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल अध्ययन सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि यदि समाज विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का हाथ थामे तो वे भी अपनी प्रतिभा के बल पर नई सफलताओं की इबारत लिख सकते हैं। कार्यक्रम का समापन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, बेहतर शिक्षा और समावेशी समाज की कामना के साथ हुआ।
◆कार्यक्रम मे बच्चों के चेहरे पर आयी मुस्कान।
