शनिवार, 1 अगस्त 2026

मऊ :मधुबन की बेटी' के नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरीं ज्योतिर्मा राय, जनसंपर्क अभियान तेज।||Mau:Jyotirma Rai entered the electoral fray with the slogan "Madhuban's daughter," and intensified her public relations campaign.||

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मऊ :
मधुबन की बेटी' के नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरीं ज्योतिर्मा राय, जनसंपर्क अभियान तेज।
।।देवेन्द्र कुमार।।
दो टूक : मऊ जनपद की 353 मधुबन विधानसभा सीट पर चुनावी हलचल तेज होती जा रही है। संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता के बीच अतरसावां गांव की निवासी ज्योतिर्मा राय का नाम तेजी से चर्चा में है। वह क्षेत्र में खुद को 'मधुबन की बेटी' बताकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चला रही हैं और गांव-गांव पहुंचकर लोगों से आशीर्वाद एवं समर्थन मांग रही हैं।
ज्योतिर्मा राय इन दिनों विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का लगातार दौरा कर रही हैं। जनसंपर्क के दौरान वह महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं से संवाद स्थापित कर क्षेत्र की समस्याओं को सुन रही हैं। एक महिला चेहरा होने के कारण उन्हें महिलाओं और छात्राओं का विशेष समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।
मधुबन विधानसभा में इन दिनों 'बाहरी बनाम स्थानीय' का मुद्दा भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय निवासी होने के कारण ज्योतिर्मा राय अपने क्षेत्रीय जुड़ाव को प्रमुखता से सामने रख रही हैं। उनका कहना है कि मधुबन केवल उनकी कर्मभूमि ही नहीं, बल्कि उनका अपना परिवार है और इस माटी का ऋण चुकाना उनका सबसे बड़ा दायित्व है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनका उद्देश्य मधुबन विधानसभा को विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। जनसभाओं, चौपालों और जनसंपर्क कार्यक्रमों में लोगों की बढ़ती भागीदारी से विधानसभा का चुनावी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि यदि क्षेत्र की बेटी को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता है तो महिलाओं की समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
गौरतलब है कि ज्योतिर्मा राय वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में घोसी संसदीय सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी चुनाव लड़ चुकी हैं। ऐसे में उनकी सक्रियता ने मधुबन विधानसभा के चुनावी समीकरणों को नई चर्चा दे दी है। अब आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका जनसंपर्क अभियान चुनावी राजनीति में कितना प्रभाव छोड़ता है।