लखनऊ :
"भाजपा अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर रही, सोशल मीडिया अकाउंट बंद कराए जा रहे" : डिम्पल यादव।।
दो टूक : उत्तर प्रदेश के मैनपुरी सांदस ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, अयोध्या मंदिर चढ़ावा, महिला आरक्षण और संसद की कार्यवाही को लेकर भाजपा सरकार पर साधा निशाना।
विस्तार :
समाजवादी पार्टी की मैनपुरी सांसद डिम्पल यादव ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर रही है। उन्होंने दावा किया कि छात्र आंदोलनों के दौरान सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट और रील साझा करने वाले लोगों के अकाउंट बंद कराए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार देश को किस दिशा में ले जाना चाहती है।
बुधवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान डिम्पल यादव ने कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन भाजपा सरकार इस अधिकार को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है और बच्चों तक के सोशल मीडिया अकाउंट हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा शासन में परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों और युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। सरकार युवाओं को रोजगार और बेहतर शिक्षा देने के बजाय उनकी आवाज दबाने का काम कर रही है।
डिम्पल यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि संसद में अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर चर्चा हो। उनका आरोप था कि भाजपा से जुड़े संगठनों द्वारा चंदे और चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों की भी जांच और चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र-युवाओं के साथ हुई कथित बर्बरता पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संसद में जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार सरकार स्वयं संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चलने दे रही है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी डिम्पल यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नारी वंदन बिल वर्ष 2023 में पारित हो चुका है, फिर भी मौजूदा लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि सरकार बिना परिसीमन का इंतजार किए वर्तमान संख्या के आधार पर ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दे। साथ ही स्पष्ट किया कि परिसीमन विधेयक को लेकर समाजवादी पार्टी का रुख पहले जैसा ही कायम है।
डिम्पल यादव के इन बयानों के बाद संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। विपक्ष जहां सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगा रहा है, वहीं भाजपा इन आरोपों को पहले भी राजनीतिक और निराधार बता चुकी है। ऐसे में शिक्षा, सोशल मीडिया, महिला आरक्षण और अयोध्या जैसे मुद्दों पर सियासी घमासान और तेज होने की संभावना है।
