बुधवार, 12 अगस्त 2026

लखनऊ :एक फीट की नींव पर पार्क की बाउंड्री, विवादित जमीन पर निर्माण को लेकर हंगामा।।||Lucknow:Park boundary built on a one-foot foundation, uproar over construction on disputed land.||

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लखनऊ :
एक फीट की नींव पर पार्क की बाउंड्री, विवादित जमीन पर निर्माण को लेकर हंगामा।।
दो टूक : लखनऊ नगर निगम जोन-8 के खरिका प्रथम वार्ड स्थित रथीन्द्र नगर में पार्क निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। विवादित बताई जा रही भूमि पर निर्माण कार्य शुरू होने के बाद लोगों ने विरोध जताया, जिसके चलते मौके पर पुलिस भी पहुंची।
विस्तार : 
राजधानी लखनऊ के नगर निगम जोन आठ के खरिका प्रथम वार्ड के रथ्रीन्द्र नगर मे विवादित भूमि पर नगर निगम के द्वारा पार्क का निर्माण कराया जा रहा है जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस भूमि पर पार्क का निर्माण कराया जा रहा है, उसे नगर निगम की निहित भूमि बताया जा रहा है, जबकि भूमि पर तीन लोगों के रजिस्ट्री दस्तावेज होने का भी दावा किया जा रहा है। संबंधित लोगों ने नगर निगम को पत्र देकर अपनी दावेदारी जताने के साथ जमीन की रजिस्ट्री निरस्त कर धनराशि वापस किए जाने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि नगर निगम के लेखपाल रमेश राम भी पूर्व में मौके पर स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। जिन्होंने निरीक्षण कर बताया खसरा संख्या 226 पर पार्क निर्माण कराया जा रहा है।
◆एक फीट की नींव, मानकों पर सवाल।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विधायक निधि से कराए जा रहे पार्क में ठेकेदार अंबुज कुमार द्वारा बाउंड्रीवाल का निर्माण मानकों के विपरीत कराया जा रहा है। आरोप है कि बाउंड्रीवाल के लिए करीब एक फीट गहरी नींव खोदी गई है और महज करीब एक इंच गिट्टी डालकर निर्माण शुरू कर दिया गया।
लोगों का कहना है कि यदि निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हुआ तो बारिश के दौरान नींव के आसपास पानी भरने से बाउंड्रीवाल के कमजोर होकर गिरने का खतरा बना रहेगा। स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच कराने की मांग की है।
◆विवादित जमीन पर निर्माण क्यों?
नगर निगम द्वारा जिस भूमि पर पार्क का निर्माण कराया जा रहा वह भूमि विवादित बताई जा रही है। खसरा संख्या 226 और 227 का विवाद है। मिलजुमला भूखण्ड संख्या 227 शाबिर अहमद ने कानपुर की सैनिक की पत्नी सीमा सिंह को बेच दिया था।वही भूमि खसरा संख्या 226 सरकारी भूमि बताया जा रहा है। पीड़िता सीमा सिंह ने मौके पर पहुंचकर डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी मौके पर पहुची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरु कर दी। लेकिन पार्क का निर्माण काम चल रहा है। मामला न्यायालय मे विचाराधीन बताया जा रहा है इसके बावजूद निर्माण कार्य हो रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब भूमि के स्वामित्व को लेकर दावे और आपत्तियां सामने आ चुकी हैं, तो विवाद का निस्तारण किए बिना वहां निर्माण कार्य कैसे शुरू करा दिया गया? पीड़िता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, भूमि के अभिलेखों की जांच तथा निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। विरोध के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर नगर निगम और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है।