लखनऊ :
अंसल प्रॉपर्टीज पर लगातार एक बाद एक एफआईआर हो रही दर्ज,लाखों रुपए जमा करने के बाद प्लॉट पर नही दिया कब्जा।
दो अलग-अलग मामलों में अंसल प्रापर्टीज पर एफआईआर दर्ज।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में रियल एस्टेट कंपनी अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Ansal API) के खिलाफ प्लॉट खरीदारों को वर्षों तक कब्जा न देने के आरोप में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। दोनों मामलों में कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और मालिकों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।।
विस्तार :
पहले मामले में गाजियाबाद निवासी राज कृष्णा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में उन्होंने सुशांत गोल्फ सिटी परियोजना में 200 वर्गमीटर का प्लॉट बुक कराया था। 1.38 लाख रुपये की बुकिंग राशि जमा करने के बाद मार्च 2015 में उन्हें प्लॉट संख्या 3805-Q-2A/0097 आवंटित किया गया। प्लॉट की कुल कीमत 13.80 लाख रुपये थी, जिसमें से उन्होंने मार्च 2016 तक लगभग 7.07 लाख रुपये आठ किश्तों में जमा कर दिए।
शिकायत के अनुसार कंपनी ने मार्च 2017 तक कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन मौके पर पहुंचने पर पता चला कि संबंधित सेक्टर में कंपनी के पास जमीन ही उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद सितंबर 2017 में दूसरा प्लॉट Q-02/304B और बाद में वर्ष 2019 में तीसरी बार सेक्टर-एन में प्लॉट संख्या 3802-N-01/0043 आवंटित कर जून 2020 तक कब्जा देने का आश्वासन दिया गया। आरोप है कि करीब आठ वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक कब्जा नहीं दिया गया और कंपनी लगातार प्लॉट बदलकर खरीदार को गुमराह करती रही।
दूसरे मामले में न्यू हैदराबाद निवासी धर्मेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पत्नी स्वर्गीय पुष्पा त्रिपाठी ने वर्ष 2012 में सुशांत गोल्फ सिटी के सेक्टर-के, पॉकेट-1 स्थित 162 वर्गमीटर का प्लॉट मूल आवंटियों से लगभग 7 लाख रुपये में खरीदा था। प्लॉट ट्रांसफर की सभी औपचारिकताएं पूरी करने, कंपनी को ट्रांसफर शुल्क जमा करने और भुगतान के बावजूद आज तक कब्जा नहीं दिया गया। वर्ष 2022 में पत्नी के निधन के बाद भी उन्होंने कई बार कंपनी से संपर्क किया, लेकिन केवल आश्वासन मिलता रहा। लगभग 14 वर्ष बीत जाने के बाद न्याय न मिलने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दोनों मामलों में उपलब्ध दस्तावेजों, भुगतान के रिकॉर्ड, आवंटन पत्र, प्लॉट हस्तांतरण से जुड़े अभिलेखों तथा बिल्डर-बायर एग्रीमेंट की जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में कंपनी के चेयरमैन प्रणब अंसल, निदेशक सुनील अंसल, सुनील गुप्ता सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को नामजद किया गया है, जबकि दूसरे मामले की जांच उपनिरीक्षक शिवाकांत तिवारी को सौंपी गई है।
