लखनऊ :
बंद घरों में सेंध लगाकर चांदी-नकदी उड़ाने वाले गैंग के तीन शातिर गिरफ्तार,चोरी का माल बरामद।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के कोतवाली हजरतगंज क्षेत्र में बंद मकानों और घरों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग के तीन शातिर चोरों को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए तीन पंखों के सामान, एक सफेद धातु का सिक्का तथा 5,150 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और चोरी का माल खरीदने वालों की तलाश में जुटी है।
विस्तार:
एसीपी हजरतगंज रजनीश कुमार के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को शाहनजफ रोड निवासी कृष्ण कुमार ने हजरतगंज थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके घर के ऊपर बने बाथरूम से जगुआर कंपनी की दो टोटियां चोरी हो गई हैं। घर की तीनों अलमारियां खुली मिलीं और सामान बिखरा पड़ा था। जांच में चांदी की आठ कटोरियां, चार चांदी के गिलास, 30 चांदी के सिक्के, पुराने कैमरे, साड़ियां, सूट सहित अन्य कीमती सामान चोरी होना सामने आया। इस संबंध में थाना हजरतगंज में मु0अ0सं0-163/2026 धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद 5 अगस्त 2026 को पीड़ित ने फिर सूचना दी कि उसी मकान से तीन पुराने पंखे और एक एग्जास्ट फैन भी चोरी हो गया है। इस पर मु0अ0सं0-168/2026 धारा 305(ए) बीएनएस के तहत दूसरा मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपनिरीक्षक रविकांत सिंह को सौंपी गई।
सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से मिले सुराग।
घटनाओं के खुलासे के लिए हजरतगंज पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से मिले हुलिये और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर 6 अगस्त 2026 की रात करीब 10 बजे न्यू लक्ष्मण मेला मैदान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयराम मौर्या उर्फ वाइटनर (35 वर्ष) निवासी देवकली खुर्द, सीतापुर, सुनील यादव (26 वर्ष) निवासी पुराना किला, हुसैनगंज तथा शारिफ (21 वर्ष) निवासी पुराना किला, हुसैनगंज के रूप में हुई।
ऐसे देते थे चोरी की वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार शातिरों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी करते थे। पहले मकानों की रेकी करते, फिर रात के समय दीवार फांदकर घर में घुसते थे। दरवाजे के नीचे बने खाली हिस्से का फायदा उठाकर अंदर प्रवेश करते और अलमारी का ताला तोड़कर नकदी व चांदी के सामान चोरी कर लेते थे और चोरी का माल एक अज्ञात व्यक्ति को बेच देते थे और मिली रकम आपस में बांटकर खाने-पीने तथा नशीले पदार्थ खरीदने में खर्च कर देते थे। पुलिस अब चोरी का माल खरीदने वाले व्यक्ति और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
आपराधिक इतिहास भी आया सामने।
मुख्य आरोपी जयराम मौर्या उर्फ वाइटनर के खिलाफ हजरतगंज और जीआरपी चारबाग में चोरी व अन्य धाराओं के मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं सुनील यादव के खिलाफ हुसैनगंज और कैंट थाने में भी चोरी के मामले दर्ज हैं।
बरामदगी के आधार पर दोनों मुकदमों में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
