लखनऊ:
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया युवक,मौके पर मौत,घर मे मचा कोहराम।।
छत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट लाइन बनी हादसे की वजह, ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र स्थित करीमाबाद गांव में मंगलवार सुबह बूंदाबांदी के बीच दर्दनाक हादसा हो गया। घर की छत पर गया एक युवक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट की चपेट में आने से युवक बुरी तरह झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक की पहचान कामिल पुत्र रमजान, निवासी ग्राम शरुआ/रावतपुर सरहवा, थाना हसनगंज, जनपद उन्नाव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार उसकी उम्र करीब 25 वर्ष है, जबकि स्थानीय जानकारी में उम्र करीब 20 वर्ष बताई गई है। कामिल पिछले कई वर्षों से काकोरी के करीमाबाद गांव में अपनी बहन के घर रह रहा था और शिवरी क्षेत्र में एक दुकान पर मजदूरी करता था।
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मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह कामिल नाश्ता करने के लिए घर की छत पर गया था। इसी दौरान छत के ऊपर से बेहद करीब से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर काकोरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा पर उठे सवाल।
हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि घरों की छतों के बेहद करीब से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, बावजूद इसके सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से लाइन को सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित कराने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
पोस्टमार्टम से परिजनों ने किया इनकार।
पुलिस के अनुसार सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पुलिस बल पहुंचा। शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन शव को लेकर अपने पैतृक गांव चले गए।
पुलिस के मुताबिक मौके पर स्थानीय पुलिस बल मौजूद है और मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रचलित है।
दो टूक सवाल:- घरों की छतों के इतने करीब से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के बावजूद यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई है, तो जिम्मेदारी किसकी है? ग्रामीणों की मांग है कि बिजली विभाग हादसे की जांच कर लाइन को सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित करे, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।
