शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

लखनऊ : तेज बारिश में ढही फूस की झोपड़ी, मलबे में दबकर छात्रा की मौत।||Lucknow: A thatched hut collapsed during heavy rain, and a student died after being buried under the debris.||

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लखनऊ : 
तेज बारिश में ढही फूस की झोपड़ी, मलबे में दबकर छात्रा की मौत।।
एक साल पहले सड़क हादसे में बेटे को खो चुका परिवार,अब बेटी की मौत से मचा कोहराम।।
दो टूक : लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र के डाढ़ा सिकंदरपुर मजरा गदियाना गांव में बुधवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई। तेज बारिश के बीच फूस की झोपड़ी अचानक भरभराकर ढह गई, जिसके नीचे सो रही 17 वर्षीय छात्रा की दबकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के समय छात्रा के पिता, जो मोहनलालगंज थाने में चौकीदार हैं, अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे।
विस्तार : 
जानकारी के अनुसार मोहनलालगंज क्षेत्र  गदियाना गांव निवासी गोकुल प्रसाद बुधवार रात ड्यूटी के लिए मोहनलालगंज थाने गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी बिंदा देई चारपाई पर और 17 वर्षीय बेटी रिंकी तख्त पर फूस की झोपड़ी के नीचे सो रही थीं। रात करीब 11:30 बजे तेज बारिश के चलते झोपड़ी अचानक भर-भराकर गिर पड़ी। हादसे में मां-बेटी मलबे के नीचे दब गईं। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक रिंकी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी जबकि उसकी मां बिंदा देई घायल अवस्था में मिलीं। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और चौकीदार गोकुल प्रसाद को घटना की सूचना दी। खबर मिलते ही गोकुल प्रसाद घर पहुंचे। बेटी का शव देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में मातम छा गया।
गुरुवार सुबह सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
परिजनों ने बताया कि मृतका रिंकी मोहनलालगंज स्थित काशीश्वर इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा थी और पढ़ाई में काफी होनहार थी। परिवार अभी एक साल पहले हुए उस दर्द से भी उबर नहीं पाया था, जब रिंकी के भाई अमरेश की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। अब बेटी की असमय मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण कच्चे और फूस के मकान बेहद जर्जर हो गए हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।