अम्बेडकरनगर :
महामाया मेडिकल कॉलेज में नशामुक्ति केंद्र का शुभारंभ, ECT समेत आधुनिक उपचार सुविधाएं शुरू।
।।ए के चतुर्वेदी।।
दो टूक : महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, अंबेडकरनगर में मरीजों को आधुनिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने फीता काटकर Addiction Treatment Facility (ATF) Wing यानी नशामुक्ति केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान गंभीर मानसिक रोगियों के उपचार में उपयोगी इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ECT) सुविधा तथा मल्टी बिहेवियरल सेक्स थेरेपी मशीन का भी उद्घाटन किया गया।
विस्तार :
एटीएफ विंग का शुभारंभ एनडीडीटीसी, एम्स नई दिल्ली के सहयोग एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के समर्थन से किया गया। केंद्र के माध्यम से शराब, तंबाकू, सिगरेट, स्मैक, भांग, गांजा सहित विभिन्न प्रकार के नशे की निर्भरता से जूझ रहे मरीजों को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित उपचार, काउंसलिंग और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
महाविद्यालय में शुरू हुई नवीन सुविधाओं से गंभीर मानसिक रोगियों को विशेषज्ञ उपचार मिलने के साथ ही यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए भी वैज्ञानिक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। इसका उद्देश्य लोगों को अप्रमाणित उपचार अथवा झोलाछाप चिकित्सकों के चंगुल से बचाकर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ब्रजेश कुमार मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मानसिक रोग विभागाध्यक्ष एवं एटीएफ नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार गुप्ता के निर्देशन में हुआ। मानसिक रोग विभाग की ओर से डॉ. पारुल यादव एवं डॉ. सुधांशु चंदेल की भी प्रमुख उपस्थिति रही।
प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि एनडीडीटीसी एम्स दिल्ली से प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों विनोद कनौजिया (काउंसलर), डॉ. प्रियम खरे (काउंसलर), अनुराग त्रिपाठी (स्टाफ नर्स) एवं स्वीटी शर्मा (डाटा मैनेजर) ने कार्यभार संभालने के बाद एटीएफ विंग को शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारियों और विभागीय समन्वय को गति दी।
एटीएफ नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है। केंद्र के माध्यम से मरीजों को समय पर उपचार, परामर्श और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी, इंटर्न्स एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे। इसके अलावा मन संज्ञान संस्थान के अध्यक्ष ए.एल. गुप्ता, राम शंकर गुप्ता, वालंटियर अजय एवं अंकित गांधी सहित मीडिया प्रतिनिधि एवं समाजसेवी भी उपस्थित रहे।
एटीएफ विंग शुरू होने से अंबेडकरनगर और आसपास के क्षेत्रों के नशा-निर्भरता से प्रभावित मरीजों एवं उनके परिजनों को अब अपने ही जिले में विशेषज्ञ उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है। मेडिकल कॉलेज की यह पहल नशामुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र जनस्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
