शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: पीजी में युवती से अभद्रता और हाथ पकड़कर झटका देने का आरोप, विरोध करने पर मालिक ने पीजी खाली करने को कहा!!

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गौतमबुद्धनगर: पीजी में युवती से अभद्रता और हाथ पकड़कर झटका देने का आरोप, विरोध करने पर मालिक ने पीजी खाली करने को कहा!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। सेक्टर-15 स्थित एक पीजी में रहने वाली युवती ने केयरटेकर पर अभद्र व्यवहार करने, हाथ पकड़कर झटका देने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का आरोप है कि घटना की शिकायत पीजी मालिक से करने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसे ही पीजी खाली करने के लिए कहा गया। मामले को लेकर युवती ने थाना फेस-1 पुलिस से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, हिमांशी कौशल सेक्टर-15 के सी-ब्लॉक स्थित मकान नंबर-156 में बने पीजी में रहती हैं। आरोप है कि 4 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:15 बजे वह पीजी की रसोई में अंडे उबालने गई थीं। इसी दौरान पीजी केयरटेकर आकाश ने उनसे अभद्र भाषा में बात की और दूसरी गैस खाली होने के बावजूद उन्हें नीचे वाली रसोई में जाने के लिए कहा।

हिमांशी का आरोप है कि उन्होंने जब इसका विरोध किया तो केयरटेकर आकाश ने उनका हाथ पकड़कर जोर से झटका दिया। युवती के मुताबिक, जब उन्होंने मामले की शिकायत पीजी मालिक अनिल खराना से करने की बात कही तो केयरटेकर ने कथित तौर पर उन्हें धमकी देते हुए कहा कि “मैं तुम्हारे अंडे भी गिरा दूंगा।”

घटना के बाद युवती ने तत्काल पीजी मालिक को फोन और ऑडियो संदेश के जरिए पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत में कहा गया है कि मालिक के मौके पर पहुंचने के बाद युवती ने उनके सामने पूरी घटना बताई। युवती का दावा है कि इस दौरान केयरटेकर आकाश ने भी पीजी मालिक के सामने उसका हाथ पकड़कर झटका देने की बात स्वीकार की।

कार्रवाई की जगह युवती से पीजी खाली करने को कहा

शिकायतकर्ता का आरोप है कि केयरटेकर द्वारा कथित तौर पर गलती स्वीकार किए जाने के बावजूद पीजी मालिक ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके उलट मालिक ने युवती से बहस की और कथित तौर पर 10 अगस्त तक पीजी खाली करने के लिए कहा। युवती के अनुसार, उसे जल्द से जल्द पीजी छोड़ने की बात भी कही गई।

आरोप है कि पीजी मालिक ने युवती से यह भी कहा कि वह अब रसोई का इस्तेमाल नहीं करेगी। साथ ही बिजली के बिल को लेकर भी भुगतान करने का दबाव बनाया गया। युवती का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद वह खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित और असुरक्षित महसूस कर रही है।

“सबूत क्या है, कैसे साबित करोगी?”—शिकायतकर्ता का आरोप

हिमांशी ने अपनी शिकायत में पीजी मालिक द्वारा कथित तौर पर यह कहे जाने का भी उल्लेख किया है कि “तुम्हारे पास इन सबका क्या सबूत है? तुम इसे कैसे साबित करोगी? किचन का कैमरा तो बंद था।” युवती का कहना है कि जब केयरटेकर ने कथित तौर पर उसके सामने हाथ पकड़ने की बात स्वीकार की थी, इसके बावजूद उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, घटना के समय वहां मौजूद अन्य युवतियों ने भी पीजी मालिक से कहा कि केयरटेकर को किसी लड़की का हाथ पकड़ने का अधिकार नहीं है और गलती उसकी थी। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

थाना-चौकी के चक्कर काट रही युवती, शिकायत दर्ज न होने का आरोप

पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद से वह अपनी शिकायत लेकर थाना फेस-1 और संबंधित पुलिस चौकी के चक्कर लगा रही है, लेकिन अभी तक उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई है। युवती का कहना है कि वह लगातार पुलिस से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगा रही है, बावजूद इसके मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस से न्याय और सुरक्षा की मांग

घटना के बाद युवती ने थाना फेस-1 पुलिस को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में केयरटेकर आकाश और पीजी मालिक अनिल खराना के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की गई है।

अब देखना होगा कि पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और जांच में युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या सामने आती है। फिलहाल मामला शिकायतकर्ता के आरोपों और शिकायत के स्तर पर है तथा आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।