सोमवार, 24 अगस्त 2026

गौतमबुद्धनगर: पर्यावरण संरक्षण को लेकर डीएम सख्त, पौधारोपण से लेकर नदियों और वेटलैण्ड संरक्षण तक तेज होगी कार्रवाई!!

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गौतमबुद्धनगर: पर्यावरण संरक्षण को लेकर डीएम सख्त, पौधारोपण से लेकर नदियों और वेटलैण्ड संरक्षण तक तेज होगी कार्रवाई!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौतमबुद्धनगर, 24 अगस्त 2026। जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण, गंगा एवं वेटलैण्ड संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, वेटलैण्ड एवं तालाबों के संरक्षण के साथ-साथ यमुना और हिंडन नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने और सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

रोपे गए पौधों की होगी शत-प्रतिशत जियो टैगिंग

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले में रोपित सभी पौधों की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पौधों की जीवितता का नियमित सत्यापन कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी बिंदुवार समीक्षा की और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने वृक्षारोपण वर्ष 2026-27 के तहत जियो टैगिंग, ग्रीन चौपाल, पौधों की जीवितता तथा तालाब संरक्षण से संबंधित कार्यों की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया।

11 वेटलैण्ड का होगा सत्यापन, संरक्षण के लिए बनेगी ठोस कार्ययोजना

वेटलैण्ड एवं तालाब संरक्षण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में स्थित वेटलैण्ड को अधिसूचित कराने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण, लखनऊ को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने यमुना नदी के पांच किलोमीटर के तटीय क्षेत्र में स्थित 11 वेटलैण्ड का सत्यापन कराने तथा उनकी मौजूदा स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।

जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम आर्द्रभूमि के गठन की भी समीक्षा की और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिले के तालाबों के सूचीकरण, सीमा निर्धारण, अतिक्रमण हटाने तथा लंबित वादों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

कूड़ा, पराली जलाने और खुले में निर्माण सामग्री के परिवहन पर सख्ती

जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना ढकी निर्माण सामग्री के परिवहन, ओवरलोडिंग, कूड़ा एवं पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने को कहा।

जिलाधिकारी ने संबंधित विकास प्राधिकरणों एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर प्रभावी परिणाम दिखाई देने चाहिए।

अनटैप्ड ड्रेनों के पानी के उपचार के लिए अपनाई जाएगी फाइटोरेमेडिएशन तकनीक

जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान नदियों की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में गिरने वाली अनटैप्ड ड्रेनों के अंतरिम उपचार के लिए एनजीटी के मानकों के अनुरूप फाइटोरेमेडिएशन तकनीक अपनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने यमुना एवं हिंडन नदी के किनारों की नियमित सफाई, घाटों के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की और आवश्यक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।

नदियों और नालों में ठोस कचरा डालने पर प्रभावी रोक के निर्देश

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को नदियों एवं नालों में ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण, नदी स्वच्छता और वेटलैण्ड संरक्षण से जुड़े कार्यों में सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यावरण एवं वेटलैण्ड संरक्षण से जुड़े सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं, ताकि जिले में पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने के साथ-साथ जल स्रोतों और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, उप कृषि निदेशक राजीव कुमार, उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पाण्डेय सहित विभिन्न विकास प्राधिकरणों, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।।