गौतमबुद्धनगर: पर्थला चौक पर बनेगा 6 लेन अंडरपास, जाम से मिलेगी बड़ी राहत!!
80 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण, एफएनजी कॉरिडोर पर सुगम होगा वाहनों का आवागमन; सेक्टर-66 से किसान चौक तक लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
दो टूक//नोएडा। नोएडा के सबसे व्यस्त यातायात जंक्शनों में शामिल पर्थला चौक पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या से जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नोएडा प्राधिकरण ने यहां 6 लेन अंडरपास के निर्माण की योजना तैयार की है। करीब 80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लगभग 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अंडरपास के निर्माण के बाद पर्थला चौक पर वाहनों का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होने के साथ ही पीक आवर्स में लगने वाले जाम से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
पर्थला चौक एफएनजी कॉरिडोर और विकास मार्ग के महत्वपूर्ण जंक्शन पर स्थित है। यह मार्ग गाजियाबाद, एनएच-9, मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और भविष्य में फरीदाबाद को जोड़ने वाला प्रमुख कॉरिडोर है। ऐसे में इस मार्ग पर दिनभर भारी यातायात दबाव बना रहता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में पर्थला चौक पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है, जिसके कारण जाम की स्थिति पैदा होती है।
हर दिशा में होंगी तीन-तीन लेन
प्रस्तावित अंडरपास को आधुनिक यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह 6 लेन का होगा, जिसमें दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन उपलब्ध होंगी। अंडरपास की कुल लंबाई करीब 710 मीटर होगी।
परियोजना के तहत प्रत्येक दिशा में लगभग 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स, करीब 20 मीटर का खुला आकाश वाला हिस्सा और दोनों ओर लगभग 280-280 मीटर लंबे एप्रोच मार्ग बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इससे अंडरपास में वाहनों के प्रवेश और निकास को सुगम बनाया जा सकेगा।
जलभराव से निपटने की भी होगी व्यवस्था
मानसून के दौरान अंडरपास में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए परियोजना में विशेष प्रबंध किए गए हैं। वर्षा जल और रिसाव के पानी की निकासी के लिए दो संप तथा उपयुक्त पंपिंग सिस्टम स्थापित किए जाने का प्रावधान है। इससे बारिश के दौरान अंडरपास को चालू रखने में मदद मिलेगी और यातायात प्रभावित होने की आशंका कम होगी।
डायफ्राम वॉल तकनीक से होगा निर्माण
अंडरपास का निर्माण डायफ्राम वॉल तकनीक और स्थल पर आरसीसी निर्माण के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इस तकनीक का इस्तेमाल खुदाई के दौरान आसपास की जमीन और मौजूदा अवस्थापना की स्थिरता बनाए रखने के लिए किया जाएगा। इससे निर्माण कार्य के दौरान आसपास के क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
नोएडा वेस्ट के बढ़ते दबाव को देखते हुए अहम परियोजना
नोएडा वेस्ट और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से हो रहे आवासीय एवं व्यावसायिक विकास के कारण आने वाले वर्षों में पर्थला चौक और एफएनजी कॉरिडोर पर यातायात का दबाव और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रस्तावित अंडरपास को भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
परियोजना के पूरा होने के बाद सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक, छिजारसी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। एफएनजी कॉरिडोर से गुजरने वाले हजारों वाहन भी बिना चौक पर रुके अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ सकेंगे।
यात्रा समय और जाम दोनों में आएगी कमी
नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि अंडरपास के निर्माण से पर्थला चौक पर वाहनों का ठहराव कम होगा और यातायात की क्षमता बढ़ेगी। इससे यात्रा समय में कमी, जाम में राहत और सड़क सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही एफएनजी कॉरिडोर पर यातायात का प्रवाह पहले की तुलना में अधिक सुचारु हो सकेगा।
नोएडा में आधुनिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप यातायात व्यवस्था विकसित करने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन तथा नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देशन में परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। अंडरपास के निर्माण से पर्थला चौक की मौजूदा जाम की समस्या के साथ-साथ आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले यातायात दबाव का भी दीर्घकालिक समाधान मिलने की उम्मीद है।।
