लखनऊ :
चंदौली से 50 हजार का इनामी पशु तस्कर कौसर फारूकी भदोही से हुआ गिरफ्तार।
चंदौली से बिहार तक फैला था तस्करी का नेटवर्क, एक साल से चल रहा था फरार।
दो टूक : स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तर प्रदेश ने चंदौली जिले के चर्चित गोवंश तस्करी मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी शातिर अपराधी कौसर फारूकी को भदोही से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर चंदौली के शहाबगंज थाने में दर्ज गोवंश तस्करी और पशु क्रूरता से जुड़े मुकदमे में लंबे समय से फरार रहने के कारण इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे संबंधित थाने को सौंप दिया गया है, जहां आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
विस्तार :
एसटीएफ के अनुसार पशु तस्कर कौसर फारूकी पुत्र धुरखन फारूकी, वार्ड संख्या-10, अब्दुल कलाम नगर, थाना सैयदराजा, जनपद चंदौली का निवासी है। उसे बुधवार दोपहर करीब 2:05 बजे भदोही जिले के कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम दारोपुर में सद्दाम दरी के कारखाने के पास से दबोचा गया।
एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि फरार और इनामी अपराधी दोबारा सक्रिय होकर विभिन्न जिलों में अपराध कर रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में एसटीएफ वाराणसी इकाई के निरीक्षक अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम लगातार अभिसूचना जुटा रही थी। मुखबिर से सटीक सूचना मिलने पर एसटीएफ ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि कौसर फारूकी अपने गिरोह के साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों से गोवंश चोरी और तस्करी कर उन्हें बिहार ले जाकर ऊंचे दामों में बेचता था। इस अवैध कारोबार के लिए उसने विशेष रूप से वाहन भी खरीदा था, जिसका इस्तेमाल पशुओं की ढुलाई में किया जाता था। आरोपी ने अंतरराज्यीय पशु तस्करों का नेटवर्क तैयार कर रखा था और लंबे समय से इस धंधे में सक्रिय था।
एसटीएफ के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2025 को चंदौली के शहाबगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने उसके एक साथी को गोवंश के साथ गिरफ्तार किया था। उसी कार्रवाई में कौसर फारूकी का वाहन भी बरामद हुआ था, लेकिन वह मौके से फरार हो गया था। तभी से उसकी तलाश की जा रही थी और बाद में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना शहाबगंज में बीएनएस की धारा 325, 111(3), गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5ए/5बी/8 तथा पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत मुकदमा दर्ज है। एसटीएफ ने आरोपी को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया है, जो अब उससे जुड़े नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के संबंध में आगे की जांच कर रही है।
