लखनऊ :
अखिलेश निगम 'अखिल' की दो पुस्तकों का भव्य लोकार्पण, साहित्य और सेवा का अनूठा संगम बना समारोह।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के निराला सभागार में बुधवार को समावेशी साहित्य संस्थान के तत्वावधान में प्रख्यात साहित्यकार एवं पुलिस महानिरीक्षक अखिलेश निगम 'अखिल' की दो महत्वपूर्ण कृतियों का भव्य लोकार्पण एवं साहित्यिक परिचर्चा आयोजित की गई। समारोह में साहित्य, प्रशासन और पुलिस सेवा से जुड़े अनेक विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर समावेशी साहित्य संस्थान का स्थापना दिवस भी मनाया गया तथा संस्थान के शुभंकर (लोगो) का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित कहानी संग्रह "अपने-अपने तर्क" तथा समीक्षा ग्रंथ "अखिल का साहित्य : मनन एवं मूल्यांकन" का विधिवत लोकार्पण किया गया। दोनों पुस्तकों पर विद्वानों ने विस्तृत परिचर्चा करते हुए उनके साहित्यिक महत्व, कथ्य, शिल्प और सामाजिक सरोकारों पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) विनोद कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अखिलेश निगम 'अखिल' ने पुलिस सेवा की अत्यंत व्यस्त और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों के बीच साहित्य सृजन की जो अद्भुत साधना की है, वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दायित्वों के साथ निरंतर साहित्य लेखन करना असाधारण प्रतिभा और समर्पण का परिचायक है।
अति विशिष्ट अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) आशुतोष कुमार ने कहा कि अखिलेश निगम का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, सहज और अहंकाररहित है। यही सादगी उनके साहित्य में भी स्पष्ट दिखाई देती है, जिसके कारण उनकी रचनाएं पाठकों को सहज रूप से आत्मसात हो जाती हैं।
उड़ीसा से पधारे साहित्यकार उमेश कुमार प्रजापति 'अलग' ने नवगठित समावेशी साहित्य संस्थान की स्थापना के उद्देश्य, उसकी भावी योजनाओं और समावेशी साहित्यिक चिंतन को आगे बढ़ाने के संकल्प पर विस्तार से प्रकाश डाला।
लोकार्पित पुस्तकों की समीक्षा करते हुए प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. दिनेश अवस्थी, डॉ. अमित दुबे एवं तरुण प्रकाश ने कहा कि अखिलेश निगम 'अखिल' का साहित्य मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक यथार्थ और वैचारिक गहराई का सशक्त दस्तावेज है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. हरिशंकर मिश्रा ने कहा कि अखिलेश निगम 'अखिल' कविता, कहानी, समीक्षा सहित साहित्य की विभिन्न विधाओं में निरंतर साहित्य जगत मे महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
