गुरुवार, 6 अगस्त 2026

लखनऊ : वृन्दावन मे स्थित मीटर गोदम में सेंधमारी,बिजली उपकेंद्र से उतारे गए उपभोक्ताओं के 29 मीटर गायब,विभाग मे मचा हड़कंप।।Lucknow: The meter lab in Vrindavan was burgled; 29 meters belonging to consumers taken down from the substation went missing, causing a stir in the department.||

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लखनऊ : 
वृन्दावन मे स्थित मीटर गोदम में सेंधमारी,बिजली उपकेंद्र से उतारे गए उपभोक्ताओं के 29 मीटर गायब,विभाग मे मचा हड़कंप।।
●पीजीआई थाने में तहरीर के बाद,खड़े हो रहे सवाल, पुलिस तलाश रही जबाब।
दो टूक :  राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वृंदावन कॉलोनी स्थित सेक्टर-5डी के बिजली उपकेंद्र के गौदाम से 29 पुराने बिजली मीटर रहस्यमय तरीके से गायब होने का मामला सामने आया है। घटना का पता कई दिन बाद विभागीय अधिकारियों को चला, जिसके बाद सहायक अभियंता ने पीजीआई थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है पीजीआई पुलिस ने तहरीर के अनुसार जांच शुरू कर दी है।
विस्तार :
मिली जानकारी के अनुसार ये सभी पुराने मीटर नादरगंज और मोहनलालगंज क्षेत्र के उपभोक्ताओं के परिसरों से बदले गए थे। मीटर बदलने का कार्य एक निजी एजेंसी द्वारा किया गया था। बदले गए पुराने मीटरों को विभाग की मीटर लैब में सुरक्षित रखा गया था जहां उनकी तकनीकी जांच की जानी थी। लेकिन जब विभागीय कर्मचारियों ने रिकॉर्ड का मिलान किया तो 29 मीटर गायब मिले।
बताया जा रहा है कि मीटर लैब में पुराने मीटरों को रिसीव करने के बाद उनकी जांच की जाती है। जांच पूरी होने पर संबंधित मीटरों के आधार पर राजस्व संबंधी कार्रवाई और अन्य विभागीय प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में मीटरों का गायब होना विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, चोरी हुए कई मीटरों की अब तक तकनीकी जांच भी नहीं हुई थी। इन मीटरों में उपभोक्ताओं की बिजली खपत का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, जिससे वास्तविक रीडिंग, संभावित छेड़छाड़ और बिलिंग संबंधी तथ्यों की पुष्टि की जाती है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं मीटरों में दर्ज आंकड़ों या संभावित गड़बड़ियों को छिपाने के उद्देश्य से उन्हें गायब तो नहीं किया गया।
विभागीय अवर अभियंता की शिकायत में चोरी हुए सभी मीटरों के नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं ताकि उनकी पहचान कर बरामदगी की जा सके। पुलिस अब उपकेंद्र में तैनात कर्मचारियों, निजी एजेंसी के कर्मियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उपकेंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरे चालू थे या नहीं और घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था।
इस पूरे घटनाक्रम ने बिजली विभाग की आंतरिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में किसी कर्मचारी या निजी एजेंसी की भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। 
पीजीआई इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मीटर गोदाम से मीटर चोरी प्रकरण समाने आया है सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पुलिस जांच कर रही है।