लखनऊ :
दिव्यांग महागठबंधन की शासन से वार्ता विफल, 17 अगस्त का आंदोलन का किया ऐलान।।
दो टूक : दिव्यांगजनों की विभिन्न मांगों को लेकर शासन और दिव्यांग महागठबंधन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बुधवार को वार्ता बेनतीजा रही। करीब डेढ़ घंटे चली मैराथन बैठक में सामाजिक समानता कानून बनाने समेत कई प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद दिव्यांग महागठबंधन ने 17 अगस्त को प्रस्तावित आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया।
विस्तार :
बुधवार को लखनऊ बहुखंडी भवन में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के विशेष सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दिव्यांग महागठबंधन ने नौकरी, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, रोटी, कपड़ा और मकान की 100 प्रतिशत गारंटी के लिए सामाजिक समानता कानून बनाने की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा सरकारी नौकरियों में आरक्षण का बैकलॉग पूरा करने, आरक्षण कोटा बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने, चलन क्रिया के दिव्यांगजनों को सभी सरकारी नौकरियों में अवसर देने और दिव्यांग पेंशन को 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी रखी गई।
दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने आरोप लगाया कि वार्ता के दौरान शासन के अधिकारी मांगों पर स्पष्ट निर्णय देने के बजाय गोल-मोल जवाब देते रहे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन पिछले कई वर्षों से शासन-प्रशासन और सरकार के समक्ष अपनी मांगें उठाते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से दिव्यांग पेंशन बढ़ाने की घोषणाएं की जा रही हैं, लेकिन प्रदेश में अब तक पेंशन मात्र 1000 रुपये प्रतिमाह है। उनका कहना है कि अन्य प्रदेशों में दिव्यांगजनों को 5 से 6 हजार रुपये तक मासिक पेंशन मिल रही है।
वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों की श्रेणियां बढ़ाकर 21 कर दी गई हैं, जबकि सरकारी नौकरियों में आरक्षण अभी भी चार प्रतिशत है। उनके मुताबिक आरक्षण का कोटा भी पूरा नहीं किया जा रहा है और चलन क्रिया के दिव्यांगजनों को कई सरकारी नौकरियों में अवसर से वंचित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर शासन से लगातार पत्राचार और वार्ता की गई, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अब दिव्यांगजनों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
महागठबंधन ने प्रदेशभर के दिव्यांगजनों से 17 अगस्त को लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। संगठन का स्पष्ट कहना है कि सामाजिक समानता कानून सहित प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन स्थगित नहीं किया जाएगा।
बैठक में विशेष सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के साथ नगर विकास, परिवहन, संस्थागत वित्त, खाद्य एवं रसद और गृह विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं दिव्यांग महागठबंधन की ओर से अध्यक्ष मनीष प्रसाद, महासचिव वीरेन्द्र कुमार, उपाध्यक्ष अजीत कुमार, संगठन सचिव दुर्वेश कुशवाहा, प्रवक्ता आनंद तिवारी, तन्मय श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, प्रचार सचिव संदीप सैनी और मुकेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
◆संगठन के पदाधिकारी वार्ता करने पहुचे।
