लखनऊ :
UP डायल 112 मुख्यालय में प्रदेश के जनपदीय राजपत्रित नोडल अधिकारियों का 4-दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न।।
०प्रशिक्षण का उद्देश्य - तकनीकी और प्रशासनिक ज्ञान एवं पीआरवी का रिस्पॉन्स टाइम और कम करने हेतु प्रशिक्षण।
दो टूक : उत्तर प्रदेश की आपातकालीन सेवा 'यूपी-112' को और अधिक मजबूत, आधुनिक और असरदार बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस महानिदेशक यूपी-112 विनोद कुमार सिंह के निर्देश पर लखनऊ स्थित मुख्यालय में प्रदेश के सभी जिलों के राजपत्रित नोडल अधिकारियों के लिए 4-दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ट्रेनिंग में प्रत्येक दिन दो ज़ोन के अधिकारियों को तकनीकी और प्रशासनिक बारीकियों की जानकारी दी गई।
• आधुनिक उपकरणों का सही उपयोग: अधिकारियों को पीआरवी (PRV) में लगे आधुनिक गैजेट्स जैसे—आई-पैड (MDT), बॉडी वॉर्न कैमरा, पीटीजेड (PTZ) कैमरा और जीपीएस (GPS) की लाइव मॉनिटरिंग व प्रयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
• सोशल मीडिया से मदद: आपातकालीन स्थिति में जनता पारंपरिक कॉल के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे—व्हाट्सएप (7570000100), फेसबुक (@112uttarpradesh), एक्स (@112uttarpradesh) और इंस्टाग्राम के जरिए कैसे तुरंत मदद पा सकती है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया।
• नंबर एक, सेवाएं अनेक: यूपी-112 किस तरह अन्य आपातकालीन सेवाओं (जैसे—फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, जीआरपी, एसडीआरएफ, एनएचएआई, 1090 वीमेन पावर लाइन और सीएम हेल्पलाइन) के साथ मिलकर काम करती है, इसका भी प्रशिक्षण दिया गया ।
• योजनाएं: बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही 'सवेरा योजना' और महिलाओं/लड़कियों की सुरक्षा के लिए 'महिला पीआरवी व एस्कॉर्ट स्कीम' के विषय में प्रशिक्षण दिया गया ।
विस्तार :
लखनऊ स्थित मुख्यालय में प्रदेश के सभी जिलों के राजपत्रित नोडल अधिकारियों के लिए 4-दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर पुलिस महानिदेशक (DG) श्री विनोद कुमार सिंह ने सभी नोडल अधिकारियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि रिस्पॉन्स टाइम : सभी जिलों में पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (PRV) के पहुँचने के समय (Response Time) को कम से कम किया जाए, ताकि पीड़ितों को तुरंत पुलिस सहायता मिल सके।नियमित चेकिंग: अधिकारी अपने-अपने जिलों में पीआरवी की गाड़ियों की औचक और नियमित चेकिंग करें ताकि काम की गुणवत्ता बनी रहे।जन-जागरूकता: यूपी-112 की इन आधुनिक सेवाओं और योजनाओं के बारे में आम जनता को ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जाए।
मुख्य उद्देश्य: इस पूरे प्रशिक्षण और दिशा-निर्देशों का एकमात्र लक्ष्य यूपी-112 की सेवाओं को और अधिक चुस्त-दुरुस्त, तेज और जनता के लिए बेहद मददगार बनाना है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया:
ट्रेनिंग में शामिल हुए सभी नोडल अधिकारियों ने इस 4-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद उपयोगी और व्यावहारिक बताया। उन्होंने भरोसा जताया कि इस तकनीकी ट्रेनिंग के बाद वे अपने-अपने जिलों में यूपी-112 की सेवाओं को पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी और जनता के अनुकूल बना सकेंगे।
